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थाईलैंड की रानी सुथिडा की ऐतिहासिक सोलो उड़ान, राजा ने ग्रिपेन ऑर्डर गोल्डन पैच देकर दी बधाई

Published: Fri, 09 Oct 2026 03:29 PM (IST)

थाईलैंड की रानी सुथिडा ने ग्रिपेन फाइटर जेट में अपनी पहली सोलो उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की, जो उनके विमानन करियर में एक बड़ी उपलब्धि है।

HighLights

  1. रानी सुथिडा ने ग्रिपेन फाइटर जेट में पहली सोलो उड़ान पूरी की।

  2. राजा महा वजिरालोंगकोर्न ने ग्रिपेन ऑर्डर गोल्डन पैच से सम्मानित किया।

  3. रानी सुथिडा एक अनुभवी पायलट हैं, 1188 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव।

डिजिटल डेस्क, बैंकॉक। थाईलैंड की रानी सुथिडा ने ग्रिपेन फाइटर जेट में अपनी पहली सोलो फ्लाइट पूरी कर ली। जो उनके एविएशन करियर में एक बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने ग्रिपेन फाइटर जेट में अपनी पहली सोलो उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली। बैंकॉक पोस्ट के अनुसार यह ऐतिहासिक उड़ान 8 अक्तूबर को दक्षिणी थाईलैंड के सूरत थानी प्रांत में स्थित विंग 7 एयर बेस पर हुई।

टेकऑफ से पहले ली विस्तृत जानकारी

रानी सुथिडा ने टेक ऑफ से पहले फ्लाइट प्लान की विस्तृत जानकारी ली और लड़ाकू विमान की तकनीकी जांच करने के बाद सिंगल सीटर JAS 39C ग्रिपेन विमान उड़ाया। बैंकॉक पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, राजा महा वजिरालोंगकोर्न इस उड़ान को देखने के लिए वहां मौजूद थे।

राजा ने ग्रिपेन ऑर्डर गोल्डन पैच देकर दी बधाई

रानी के उड़ान के बाद राजा ने रानी को फूलों का गुलदस्ता और ग्रिपेन ऑर्डर गोल्डन पैच देकर बधाई दी। यह पैच स्वीडन में बने फाइटर जेट को उड़ाने से जुड़ा सम्मान है।

रानी सुथिडा को प्लेन उड़ाने का अनुभव

रानी सुथिडा केवल एक शाही व्यक्तित्व ही नहीं बल्कि एक अत्यधिक कुशल और अनुभवी पायलट भी हैं। उन्होंने अलग-अलग विमानों में कुल 1,188.48 घंटे उड़ान भरी है। उनके अनुभव में सेसना, पिलाटस और पाइपर विमानों के साथ-साथ बोइंग 737 पैसेंजर जेट उड़ाना भी शामिल है।

रानी ने पहली बार 13 मई 2010 को एक पायलट के तौर पर उड़ान भरी थी, जब उन्होंने बैंकॉक में विंग 6 पर सेसना T-41D विमान उड़ाया था। सिंगल सीट वाले वर्शन में अपनी पहली सोलो फ्लाइट करने से पहले उन्होंने टू सीट वाला ग्रिपेन JAS 39D भी उड़ाया है।

राजा के साथ को-पायलट के तौर पर काम

रानी ने शाही कामों के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में राजा के साथ को-पायलट के तौर पर भी काम किया है। पिछले साल अप्रैल में इस शाही जोड़े ने भूटान यात्रा के दौरान पारो एयरपोर्ट पर शाही विमान लैंड कराई थी, जिसे अपनी जो अपनी मुश्किल लैंडिंग के लिए जाना जाता है।

यह सोलो फ्लाइट रानी के लंबे एविएशन रिकॉर्ड में एक नई उपलब्धि जोड़ती है और मिलिट्री और सिविलियन विमानों में उनके अनुभव को दिखाती है।