दावोस, प्रेट्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पिछले 20 वर्षो में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय (1997) किसी ने लादेन और हैरी पॉटर का नाम नहीं सुना था, ट्वीट सिर्फ चिड़ियों का काम था और अमेजन का जिक्र सिर्फ घने जंगलों के लिए होता था।

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के 48वें सालाना सम्मेलन में उद्घाटन भाषण देते हुए प्रधानमंत्री ने पिछली बार 1997 में सम्मेलन में पहुंचे तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के समय की आज से तुलना की। देवगौड़ा के बाद डब्ल्यूईएफ में जाने वाले मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। हालांकि, देवगौड़ा ने तब डब्ल्यूईएफ उद्घाटन सत्र को संबोधित नहीं किया था।

मोदी ने अपने भाषण में दोनों समयों की तुलना करते हुए आज के समय की कई जानी-पहचानी चीजों का जिक्र किया। मोदी ने कहा कि 1997 में कितने लोगों ने ओसामा बिन लादेन और हैरी पॉटर का नाम सुना था? तब अगर कोई इंटरनेट पर अमेजन सर्च करता तो उसे नदियों और घने जंगलों की जानकारी मिलती। उस जमाने में ट्वीट चिड़ियों का काम था, इंसानों का नहीं। वह पिछली शताब्दी थी और बीते दो दशकों में हमारा समाज और दुनिया जटिल नेटवर्क से जुड़ चुकी है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि तब भी दावोस अपने समय से आगे था और आज भी यह अपने समय से आगे है। यह बताता है कि डब्ल्यूईएफ की भविष्य निर्माण में अहम भूमिका है।

Posted By: Manish Negi