ढाका, आइएएनएस। बांग्लादेश के पीरगंज के बोरो करीमपुर गांव में हिंदू घरों में आगजनी के मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी ने हिंसा में शामिल होने की बात कबूल की है। गिरफ्तार किए गए 24 वर्षीय सैकत मंडल ने रविवार को अदालत में कबूल किया कि वो हमले में शामिल था और इसके साथ ही उसने यह बात भी कबूल की कि उसने हिंसा भड़काने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।

रंगपुर के वरिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट डेलवर हुसैन ने रविवार को आरोपी का बयान दर्ज किया। बता दें कि मंडल जो स्थानीय बांग्लादेश छात्र लीग का निष्कासित नेता है, और उसका एक 36 वर्षीय सहयोगी मोहम्मद रोबिउल इस्लाम, जो एक मस्जिद में इमाम है, को मामले में मुख्य आरोपी के रूप में नामित किया गया था। इस हमले के कारण 70 परिवार प्रभावित हुए हैं।

पुलिस ने बताया कि रंगपुर के पीरगंज में हमला एक अफवाह के कारण हुआ था। अफवाह फैलाई गई थी कि एक हिंदू व्यक्ति ने फेसबुक पर धार्मिक रूप से आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की थी। स्थानीय संघ परिषद के अध्यक्ष के अनुसार, हमले के दौरान 65 हिंदू घरों को आग लगा दी गई थी। संघ परिषद के अध्यक्ष मोहम्मद सादिकुल इस्लाम ने रविवार को आइएएनएस को बताया, 'हमलावर जमात-ए-इस्लामी और उसकी छात्र शाखा इस्लामी छात्र शिबिर की स्थानीय इकाइयों से संबंधित थे।'

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच टीम के निदेशक अशरफुल आलम ने हाल ही में ढाका से घटनास्थल का दौरा किया था। उन्होंने संवाददाताओं से कहा था कि वह पीड़ितों के बारे में चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि हिंसा में अपना सब कुछ गंवाने वाले सभी परिवार काफी डरे हुए हैं। सुरक्षा को लेकर उनके मन में डर पैदा हो गया है, जो खत्म नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों में डर है कि वो भविष्य में इस इलाके में कारोबार नहीं कर पाएंगे। क्षेत्र की उपजिला निर्बाही अधिकारी (यूएनओ) रानी राय ने लोगों से शांत रहने का आग्रह किया और उन्हें आश्वासन दिया कि कोई समस्या नहीं होगी क्योंकि स्थानीय प्रशासन उनका साथ देगा। उन्होंने कहा, 'माझीपारा में 25 परिवारों के कुल 32 घर थे, जिन्हें हमले में आग लगा दी गई। लूट के बाद 59 और घरों में तोड़फोड़ की गई। लगभग 70 प्रभावित परिवारों को सूचीबद्ध किया गया है।' स्थानीय यूएनओ ने यह भी कहा कि उन्होंने आपदा प्रबंधन मंत्रालय की मदद से प्रभावित परिवारों को भोजन और कपड़े वितरित किए गए। इसके अलावा पीड़ितों को बांग्लादेश की संसद के अध्यक्ष शिरीन शर्मिन चौधरी, विद्यानंद फाउंडेशन, आवामी लीग, शेखासेबक लीग, जुबो लीग, छात्र लीग और सामाजिक संगठनों से घरों के पुनर्निर्माण के लिए कुछ नकद सहायता भी मिली है।

Edited By: Neel Rajput