जोहानिसबर्ग, रायटर। भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा की छुट्टी तय हो गई है। सत्तारूढ़ अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) ने मंगलवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मैराथन बैठक में जुमा को राष्ट्रपति पद से हटाने का फैसला किया। तनाव भरे माहौल में करीब 13 घंटे तक चली बैठक के दौरान जुमा और उनके उत्तराधिकारी माने जा रहे उप राष्ट्रपति सिरिल रैमफोसा के बीच तीखी बहस भी हुई।

मैराथन बैठक में सत्तारूढ़ एएनसी ने लिया निर्णय

रैमफोसा पिछले साल दिसंबर में 106 साल पुरानी एएनसी के अध्यक्ष चुने गए थे। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में जुमा की पूर्व पत्नी दलामिनी को नजदीकी अंतर से हराया था। उनके अध्यक्ष बनने के बाद से ही जुमा पर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया था। रैमफोसा हालांकि जुमा को हटाने को लेकर काफी सावधानी भी बरत रहे हैं। उन्हें इस बात का डर है कि एक साल बाद होने वाले चुनाव से पहले कहीं पार्टी बिखर ना जाए। सरकारी प्रसारक एसएबीसी के अनुसार, रैमफोसा ने जुमा से कह दिया है कि उनके पास इस्तीफा देने के लिए 48 घंटे हैं। इस पर जुमा ने साफ कर दिया कि वह ऐसा कुछ नहीं करने जा रहे।

मंडेला के साथ जेल में रहे थे जुमा

75 वर्षीय जुमा रंगभेद के खिलाफ मुहिम चलाने वाले नेताओं में शुमार हैं। वह नेल्सन मंडेला के साथ दस साल तक कुख्यात रोबेन द्वीप की जेल में बंद रहे। वह 2009 से दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति पद पर काबिज हैं। भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों के बावजूद उन्होंने पद छोड़ने से मना कर दिया। उनके नौ साल के कार्यकाल के दौरान दक्षिण अफ्रीका को आर्थिक गिरावट और रिकार्ड बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। अफ्रीका महाद्वीप में एक समय इस देश की अर्थव्यवस्था सबसे अच्छी थी।

Posted By: Bhupendra Singh