जिनेवा, रायटर: अमेरिका और रूस के विदेश मंत्रियों की वार्ता में यूक्रेन को लेकर बने गतिरोध पर कोई निर्णय नहीं हो सका है, लेकिन दोनों पक्ष बातचीत के जरिये सैन्य टकराव की आशंका को खत्म करने पर फिलहाल सहमत हो गए हैं। यह वार्ता शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में हुई थी। हालांकि वार्ता के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने यूक्रेन पर रूसी हमला होने पर तत्काल बड़ा जवाब देने की चेतावनी दोहराई थी और रूसी उप विदेश मंत्री सर्गेई रिबकोव ने आवश्यकता पड़ने पर अमेरिका की परवाह किए बगैर सैन्य कार्रवाई करने की बात कही थी। इसके लिए दोनों पक्षों की तैयारियां जारी हैं।

अमेरिका के जवाब का इंतजार कर रहा रूस

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि रूस अपने सुरक्षा गारंटी प्रस्ताव पर अमेरिका के जवाब का इंतजार कर रहा है। बाल अमेरिका के कोर्ट में है। जवाब मिलने के बाद रूस अपनी सुरक्षा से संबंधित निर्णय लेगा। इस बीच अमेरिका के नेतृत्व वाले उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने रोमानिया और बल्गारिया से अपनी सेनाएं हटाने से इन्कार कर दिया है।

रूस द्वारा नाटो सैनिक हटाने की मांग

रूस के सुरक्षा प्रस्ताव में मध्य और पूर्वी यूरोप के इन देशों से नाटो के सैनिक हटाने की मांग भी शामिल है। रूस की सबसे अहम मांग यूक्रेन को नाटो में शामिल न किए जाने और वहां पर किसी भी तरह के विदेशी हथियार तैनात न किए जाने की है। इसके लिए उसने अमेरिका से लिखित जवाब मांगा है। अमेरिका को हफ्ते भर में इन मांगों पर जवाब देना है। लेकिन तीन मांगों में से एक पर शुक्रवार देर शाम ही नाटो ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। इसके बावजूद ब्लिंकन ने कहा है कि सुरक्षा को लेकर दोनों पक्षों की कुछ साझा चिंताएं हैं। इन पर ध्यान देने से ही वर्तमान गतिरोध दूर किया जा सकेगा।

रूस अपनी शर्तों पर मुलाकात के लिए तैयार

ब्लिंकन ने कहा, रूस के समक्ष दो विकल्प हैं। वह कूटनीतिक प्रयासों से गतिरोध दूर कर शांति और सुरक्षा का वातावरण बना सकता है, या टकराव का रास्ता अपनाकर उसके गंभीर दुष्परिणाम और अंतरराष्ट्रीय निंदा झेल सकता है। ब्लिंकन ने कहा है कि रूसी प्रस्ताव पर अगले सप्ताह अमेरिकी विचार और अन्य बातें विस्तृत रूप से लिखकर दी जाएंगी। रूस अगर उन पर सहमत होगा तो आगे बातचीत होगी। रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कहा है कि हम क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षित वातावरण चाहते हैं। अगर इस बारे में रूस की चिंताओं को महत्व दिया जाता है और ठोस प्रस्ताव रखे जाते हैं तो राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए तैयार हैं।

नाटो की ओर से यूक्रेन में हथियार पहुंचना जारी

बातचीत के साथ ही दोनों ओर से अपनी रक्षा तैयारियों को भी बढ़ाया जा रहा है। नाटो में शामिल लातविया, लिथुआनिया और एस्टोनिया ने अमेरिका में बनी एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलें और अन्य हथियार यूक्रेन भेज दिए हैं। ब्रिटेन पहले ही हजारों एंटी टैंक मिसाइलें यूक्रेन भेज चुका है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के प्रवक्ता जान किर्बी ने कहा है कि बदल रहे सुरक्षा वातावरण पर अमेरिकी सेना नजर रखे हुए है। वह विकल्पों पर विचार कर रही है। यूरोपीय सहयोगियों की अपेक्षा के अनुरूप उन्हें सहयोग दिया जाएगा।

Edited By: Amit Singh