गरमा रहा यूरोप: रूस ने बाल्टिक सागर में डेनिश हेलीकॉप्टर पर दागीं फ्लेयर; नाटो लड़ाकू विमानों ने किया पीछा
रूस के टीयू 95 बमवर्षक विमानों ने जहां इलाके में गश्त की और नाटों के लड़ाकू विमानों ने उनका पीछा ...और पढ़ें

रूसी बमवर्षकों की गश्त और युद्धपोत की फायरिंग से नाटो देशों में भारी तनाव (फोटो- रॉयटर)
HighLights
इलाके में रूसी बमवर्षक ने की गश्त, नाटो के लड़ाकुओं ने किया पीछा
बाल्टिक सागर में डेनिश हेलीकॉप्टर पर रूसी युद्धपोत की फ्लेयर फायरिंग
लिथुआनिया में घुसा संदिग्ध ड्रोन, नाटो के विमानों ने मार गिराया
रॉयटर, कोपेनहेगेन। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूरोप का माहौल गरमा रहा है। रूस के टीयू 95 बमवर्षक विमानों ने जहां इलाके में गश्त की और नाटों के लड़ाकू विमानों ने उनका पीछा किया, वहीं बाल्टिक सागर के ऊपर आकाश में डेनमार्क के सैन्य हेलीकॉप्टर पर रूसी युद्धपोत ने चेतावनी स्वरूप फ्लेयर फायर किए।
डेनमार्क के प्रधानमंत्री ने इस घटना को रूसी आक्रामकता का नतीजा बताया। सरकार ने रूसी राजदूत को तलब कर विरोध जताया है।
इसके अतिरिक्त लिथुआनिया की राजधानी विलनियस के नजदीक आकाश में नाटो के विमानों ने एक संदिग्ध ड्रोन को मार गिराया। यह ड्रोन किस देश का था और वह किस उद्देश्य से लिथुआनिया में घुसा, यह अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।
लिथुआनिया रूस का पड़ोसी देश है और वह अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य संगठन नाटो का सदस्य है। यूक्रेन युद्ध के बीच पहली बार वहां पर कोई संदिग्ध ड्रोन घुसा था।
इससे पहले पोलैंड से सटी यूक्रेन की सीमा के भीतर रूस ने दो दिन ड्रोन हमले किए थे। इसके बाद नाटो प्रमुख मार्क रूट ने इसे रूस की डराने की कोशिश बताया था और चेताया था कि नाटो को सैन्य क्षमता के मामले में कम करके न आंका जाए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप से रूस और यूक्रेन के बीच एक-दूसरे के ऊर्जा संयंत्रों पर हमला न करने की बनी सहमति का क्रेमलिन ने स्वागत किया है।
रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय ने कहा है कि रूसी तेल और गैस की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को भी हटाया जाना चाहिए, इससे विश्व बाजार में तेल की आपूर्ति की स्थिति बेहतर होगी और बढ़ती तेल कीमत भी नीचे आएगी।
इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि सहमति की अनुरूप जिन क्षेत्रों और संसाधनों पर हमलों में रूस संयम दिखाएगा तो जवाब में यूक्रेन भी अपने हमलों को सीमित करेगा। इस मामले में वह सहयोगी देशों की सलाह के अनुरूप कार्य करेगा।
