पनामा में फिर लगे भूकंप के झटके, भरभरा कर गिरीं इमारतें; जान बचाने के लिए भागे लोग
पनामा में पहले 7.6 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद अब 6.0 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया है।

पनामा में फिर भूकंप के झटके।
HighLights
पनामा में 7.6 के बाद 6.0 तीव्रता का नया भूकंप।
कई इमारतें क्षतिग्रस्त, ऐतिहासिक चर्च का घंटाघर ढहा।
लोग जान बचाने सड़कों पर, सुनामी अलर्ट जारी हुआ।
डिजिटल डेस्क, पनामा सिटी। मध्य अमेरिकी देश पनामा में कुदरत का कहर टूट पड़ा है। शुक्रवार को आए एक शक्तिशाली भूकंप के बाद अब वहां 6.0 तीव्रता का एक और नया झटका महसूस किया गया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, यह ताजा झटका ला ट्रोनोसा से 7 किलोमीटर उत्तर की दिशा में दर्ज किया गया।
बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को देश के दक्षिणी तट पर एक बेहद शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसकी शुरुआती तीव्रता 8.0 आंकी गई थी जिसे बाद में संशोधित कर 7.6 कर दिया गया। इस भीषण झटके से पूरे देश में हड़कंप मच गया और लोग जान बचाने के लिए मॉल, दफ्तरों और घरों से बाहर सड़कों पर दौड़ पड़े।
इमारतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान
पनामा की सिविल प्रोटेक्शन सर्विस के अनुसार, वेरागुआस, हेरेरा और लॉस सांतोस प्रांतों में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। पेनोरोमे शहर में एक ऐतिहासिक चर्च का घंटाघर ढह गया और सड़कों पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गईं।
पेनोरोमे में मलबे की चपेट में आने से एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है। हालांकि, राष्ट्रपति राउल मुलिनो ने शुक्रवार शाम तक किसी की भी मौत न होने की पुष्टि की है, लेकिन हालात का जायजा लिया जा रहा है।
इतना ही नहीं राजधानी पनामा सिटी में झटके इतने तेज थे कि ऊंची इमारतों के हिलने से स्विमिंग पूल का पानी छलक कर बाहर आ गया। लोग पार्कों और खुले मैदानों में रात बिताने को मजबूर हुए।
सुनामी का खतरा और अलर्ट
गौरतलब है कि इस भारी भूकंप के बाद मध्य और दक्षिण अमेरिका के कई देशों के तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई थी। पनामा, कोस्टा रिका, अल सल्वाडोर, पेरू, मैक्सिको, ग्वाटेमाला, निकारागुआ, कोलंबिया और इक्वाडोर के तटीय इलाकों पर खतरा मंडराने लगा था।
हालांकि, बाद में अमेरिका के सुनामी वार्निंग सिस्टम ने पनामा, कोलंबिया, इक्वाडोर, निकारागुआ और ग्वाटेमाला के तटों से सुनामी की चेतावनी वापस ले ली। इसके अलावा इसला कानास के पास 1 से 3 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई थी, और समुद्र का पानी वहां के घरों तक भी पहुंच गया था।
