काठमांडू, प्रेट्र। दिल्ली में कानून की पढ़ाई कर चुके ओमप्रकाश मिश्रा नेपाल में सुप्रीम कोर्ट के अगले प्रधान न्यायाधीश होंगे। सोमवार को संसदीय समिति ने इस पद के लिए उनके नाम को सर्वसम्मति से सहमति दे दी। न्यायाधीश दीपक राज जोशी के बाद मिश्रा सबसे वरिष्ठतम जज थे। राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी द्वारा आधिकारिक नियुक्ति के बाद वह सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे।

दरअसल, संसदीय सुनवाई समिति ने तीन अगस्त को चीफ जस्टिस के लिए नामित जोशी के नाम को रद कर दिया था। उन पर शैक्षिक प्रमाणपत्रों में अनियमितता के साथ ही जन्म की तारीख में हेरफेर का आरोप था। पांच अगस्त को मिश्रा ने बतौर कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश कार्यभार ग्रहण कर लिया और इस बीच जोशी 15 दिन की छुट्टी पर चले गए।

इसके बाद संवैधानिक परिषद ने 23 अगस्त को सर्वसम्मति से कार्यकारी प्रधान न्यायाधीश ओमप्रकाश मिश्रा को बतौर चीफ जस्टिस बनाए जाने को हरी झंडी दे दी।

इधर, संसदीय समिति को मिश्रा के खिलाफ चार शिकायत मिलीं। जिनमें से एक को बाद में वापस ले लिया गया। बाकी बची तीन शिकायतों पर समिति ने बंद कमरे में सुनवाई की। समिति के संयोजक लक्ष्मण लाल करणा ने बताया कि सभी शिकायतों का निपटारा करने के बाद उनकी नियुक्ति को हरी झंडी दे दी गई।

मिश्रा का जन्म एक जनवरी 1954 को रुपेनदेही जिले के रायपुर में हुआ था। उन्होंने 1989 दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की थी। वहीं 1985 में काठमांडू की त्रिभुवन यूनिवर्सिटी से राजनीति शास्त्र में डिग्री ली थी। उन्होंने 1981 में बतौर सेक्शन अधिकारी न्यायिक सेवा में कामकाज शुरू किया था।

 

Posted By: Arun Kumar Singh