सिडनी, एजेंसियां। बढ़ती उम्र को बीमारियों का घर माना जाता है। ऐसे में उम्र जनित बीमारियों से बचने के लिए दवाओं का सेवन आज आम हो चुका है। लेकिन एक नए अध्ययन के आधार पर बताया गया है कि उचित पोषक आहार का हमारी कोशिकाओं की आंतरिक क्रिया प्रणाली पर दवाओं की तुलना में कहीं ज्यादा प्रभाव पड़ता है। यह अध्ययन 'सेल मेटाबोलिज्म जर्नल' में प्रकाशित किया गया है।

सिडनी विश्वविद्यालय के चा‌र्ल्स पेर्किन्स सेंटर द्वारा किए गए प्री क्लीनिकल अध्ययन में बताया गया है कि डायबटीज, आघात और दिल की बीमारी को दूर रखने के लिए हमारी आहार संरचना, दवाओं से कहीं ज्यादा शक्तिशाली हो सकती है।

जानिए किसे कहा जाता है मेटाबालिज्म

चूहों पर किए गए शोध से पता चलता है कि पोषाहार (सकल कैलोरी और सूक्ष्म पोषक संतुलन समेत) का उम्र बढ़ने और उपापचय (शरीर में भोजन का ऊर्जा में परिवर्तन को ही मेटाबालिज्म कहा जाता है) का स्वास्थ्य पर अधिक प्रभाव पड़ता है। यह आमतौर पर डायबटीज के इलाज और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तीन दवाओं की तुलना में अधिक होता है।

आहार है शक्तिशाली ओषधि : प्रोफेसर स्टीफन सिंपसन

अध्ययन के वरिष्ठ लेखक और चा‌र्ल्स पर्किन्स सेंटर के अकादमिक निदेशक प्रोफेसर स्टीफन सिंपसन ने कहा, 'आहार शक्तिशाली औषधि है। हालांकि, वर्तमान में इस बात पर विचार किए बगैर ही दवाएं दी जाती हैं कि वे हमारी आहार रचना के साथ कैसी और किस तरह की प्रतिक्रिया कर सकती हैं। भले ही दवाएं आहर की तरह का ही काम करने के लिए तैयार की गई हों तो भी उसकी प्रतिक्रिया को नहीं देखा जा रहा है।'

गौरतलब है कि आज की बदलती लाइफ स्टाइल में लोगों को अपने खाने पीने में पोषक आहारों को भरपूर मात्रा में लेना चाहिए। इससे शरीर तंदुरस्त रहता है और मन भी तरोताजा रहता है।  

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Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan