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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

NSA अजित डोभाल ने अपने रूसी समकक्ष पेत्रुशेव से की मुलाकात; सुरक्षा, अर्थव्यवस्था सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा

By Jagran NewsEdited By: Piyush Kumar
Published: Wed, 26 Jul 2023 01:24 AM (GMT+05:30)

अजित डोभाल ने मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका के शहर जोहानिसबर्ग में अपने रूसी समकक्ष निकोले पेत्रुशेव से मुलाकात की। मुलाकात ...और पढ़ें

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की फाइल फोटो।(फोटो सोर्स: जागरण)
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की फाइल फोटो।(फोटो सोर्स: जागरण)

जोहानिसबर्ग, पीटीआई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका के शहर जोहानिसबर्ग में अपने रूसी समकक्ष निकोले पेत्रुशेव से मुलाकात की और सुरक्षा तथा अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग मजबूत करने पर चर्चा की।

सुरक्षा परिषद के सचिव से डोभाल ने की मुलाकात

डोभाल ने सुरक्षा मामलों के लिए जिम्मेदार ब्रिक्स के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक से इतर रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव पेत्रुशेव से मुलाकात की।

रूस की सुरक्षा परिषद के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि डोभाल और पेत्रुशेव ने सुरक्षा, अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में रूस-भारत सहयोग से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की। ब्रिक्स समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका हैं।

डोभाल ने चीनी राजनयिक से भी की मुलाकात

इससे पहले मंगलवार सुबह एनएसए डोभाल ने चीन के राजनयिक वांग यी से मुलाकात की और दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि भारत-चीन द्विपक्षीय संबंध न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि क्षेत्र और दुनिया के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, बैठक के दौरान एनएसए डोभाल ने बताया कि 2020 से भारत-चीन सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति ने रणनीतिक विश्वास और रिश्ते के सार्वजनिक और राजनीतिक आधार को खत्म कर दिया है।

डोभाल ने साइबर क्राइम को लेकर जताई चिंता

बता दें कि 24 जुलाई को डोभाल ने जोहान्सबर्ग में 'ब्रिक्स के मित्र' बैठक में भाग लिया और सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी विघटनकारी प्रौद्योगिकियों के आगमन के साथ साइबर जोखिमों की गंभीरता तेजी से बढ़ेगी।

बैठक के दौरान एनएसए डोभाल ने साइबर सुरक्षा से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।