प्योंगयांग। दुनिया एक तरफ कोरोना वायरस के संकट से लड़ रही है, उससे बचने के उपाय और टीके खोजे जा रहे हैं वहीं एक तरफ नॉर्थ कोरिया अपनी परमाणु क्षमता को बढ़ाने में लगा हुआ है। नॉर्थ कोरिया दुनिया का अकेला ऐसा देश है जो अमेरिका को भी धमकाने से बाज नहीं आता है।

हाइड्रोजन बम का परीक्षण करने के बाद नॉर्थ कोरिया ने सैन्य क्षमता के मामले में अपने को और मजबूत कर लिया है। अमेरिका ने जब नॉर्थ कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों पर रोक लगाने की कोशिश की कि तो नॉर्थ कोरिया ने अमेरिका को भी धमकी दे दी और कहा कि वो उनकी बिजली सप्लाई व्यवस्था को ध्वस्त कर सकता है।

इसके बाद से अमेरिका ने तमाम तरह से नॉर्थ कोरिया पर प्रतिबंध लगा रखा है मगर कोरिया अपनी सैन्य क्षमता को मजबूत करने में किसी भी तरह से रोक नहीं लगा रहा है। दरअसल तानाशाह किम जोंग-उन ने नॉर्थ कोरिया को विश्व का सबसे शक्तिशाली परमाणु ताकत बनाने का प्रण लिया है। इसी के साथ नॉर्थ कोरिया ने संकेत दे दिए हैं कि वह विश्व के लिए खतरा बने अपने हथियार कार्यक्रमों पर लगाम लगाने के लिए कतई तैयार नहीं है। 

मिसाइल परीक्षणों की झड़ी लगाई 

नॉर्थ कोरिया ने मिसाइल परीक्षणों की झड़ी लगाकर और अब तक अपना सबसे बड़ा परमाणु परीक्षण कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। उसकी पूरी कोशिश अमेरिका पर हमला कर सकने में सक्षम हथियार तैयार करने की है। नॉर्थ कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के मुताबिक, नए मिसाइल परीक्षण को सफल बनाने वाले कर्मियों से किम ने कहा कि उनका देश अपने को इन हथियारों के मामले में मजबूत बनकर आगे बढ़ेगा और विश्व का सबसे शक्तिशाली परमाणु ताकत और सैन्य ताकत देश बनेगा।

कोरोनावायरस (Coronavirus) के इस संकट काल में भी नॉर्थ कोरिया (North Korea) अपनी परमाणु क्षमता (Nuclear Power) को बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नॉर्थ कोरिया की स्टेट एजेंसी केसीएनए (KCNA) ने अपनी एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है। रिपोर्ट में कहा गया कि नॉर्थ कोरिया अपनी परमाणु निरोध क्षमता (Nuclear War Deterrence) बढ़ाने पर विचार कर रहा है। इसमें यह नहीं बताया गया कि किस तरह परमाणु क्षमता बढ़ाया जाएगा। 

मिलिट्री को हाई अलर्ट पर रहने को कहा 

इसके अलावा नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग ने सेंट्रल मिलिट्री कमीशन की इस बैठक में सेना को किसी भी ऑपरेशन के लिए हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। रिपोर्ट में लिखा है कि यदि कभी परमाणु युद्ध होता है तो उसके बचाव के लिए नॉर्थ कोरिया अपनी परमाणु क्षमताओं को बढ़ाने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया है कि यह मीटिंग किस तारीख हो हुई थी।

2016 में पूरी दुनिया की नजरों में आया नॉर्थ कोरिया 

किम जोंग उन ने 2011 में नॉर्थ कोरिया की कमान संभाली थी। तब से लेकर अब तक नॉर्थ कोरिया ने कई मिसाइल परीक्षण और परमाणु क्षमता हासिल करने की दिशा में काम किए हैं। साल 2016 में पूरी दुनिया की नजरों में नॉर्थ कोरिया उस वक्त आ गया, जब उसने दो परमाणु परीक्षण किए और करीब 20 बैलेस्टिक मिसाइल छोड़ीं। इसी के बाद भी नॉर्थ कोरिया ने अत्याधुनिक हथियार विकसित करने की दिशा में काम जारी रखा।

इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण 

2017 में किम ने पहली बार इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। नार्थ कोरिया जब लगातार इस तरह से मिसाइलें और परमाणु परीक्षण में लगा रहा तो 2018 में वाशिंगटन पोस्ट ने इस पर एक खुफिया रिपोर्ट छापी। इस रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि नॉर्थ कोरिया चोरी-छिपे मिसाइलें बना रहा है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के हवाले से कहा गया कि नॉर्थ कोरिया तरल ईंधन वाले इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइलें बना रहा है। सेटेलाइट की तस्वीरें जारी हुईं। मिसाइल बनाने वाली जगह पर फैक्ट्री के साथ ट्रकों की आवाजाही दिखाई गई थी। 

क्या अमेरिका पर हमले में सक्षम है नॉर्थ कोरिया? 

नॉर्थ कोरिया जिस तरह से लगातार नए-नए हथियारों का परीक्षण कर रहा है उससे एक बड़ा सवाल ये भी उठता है कि क्या कोरिया के पास अमेरिका पर हमले जैसी सैन्य क्षमता है। सैन्य विशेषज्ञ बताते हैं कि नॉर्थ कोरिया ने परमाणु क्षमता विकसित की है लेकिन उसके पास अमेरिका तक मार करने वाले परमाणु हथियार से लैस मिसाइलों के होने पर संदेह बना हुआ है। मगर विशेषज्ञ इस बात से भी इनकार नहीं करते हैं कि यदि कोई नॉर्थ कोरिया पर किसी तरह से हमला करता है तो नॉर्थ कोरिया उस देश को हर तरह से जवाब देने में सक्षम होगा।

रासायनिक हथियार 

इस बात में कोई शक नहीं है कि नॉर्थ कोरिया लगातार अपनी सैन्य क्षमता में इजाफा कर रहा है। उसके पड़ोसी साउथ कोरिया का दावा है कि नॉर्थ कोरिया के पास रासायनिक हथियार भी मौजूद हैं। 2017 में साउथ कोरिया ने दावा किया था कि नॉर्थ कोरिया के पास करीब 2500 से 5000 मीट्रिक टन तक रासायनिक हथियार हैं। इतने हथियार होने के बाद भी वो उसको लगातार बढ़ा रहा है। 

सैन्य शक्ति 

2017 में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक नॉर्थ कोरिया की आर्मी में करीब 12 लाख सैनिक हैं। उसके पास 4200 टैंक मौजूद हैं। हथियारबंद वाहनों की संख्या 4100 है। 2400 के करीब मल्टिपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम है। नॉर्थ कोरिया के वायुसेना की ताकत भी कम नहीं है।

2017 की रिपोर्ट के मुताबिक उसके पास करीब 458 लड़ाकू विमान हैं। हमला करने वाले की क्षमता रखने वाले विमानों की संख्या 572 है। ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की संख्या 100 है। 202 हेलीकॉप्टर्स हैं जबकि लड़ाकू हेलीकॉप्टर्स की संख्या 20 है। बीते तीन सालों में उसने इन सभी में किसी न किसी तरह से बढ़ोतरी ही की है। इसके अलावा उसका जोर परमाणु परीक्षणों पर लगातार बना रहता है।

नॉर्थ कोरिया के पास 30 से 60 परमाणु हथियार 

2018 में साउथ कोरिया ने दावा किया कि नॉर्थ कोरिया के पास 30 से 60 परमाणु हथियार हो सकते हैं। साउथ कोरिया की रिपोर्ट के मुताबिक नॉर्थ कोरिया ने करीब 50 किलोग्राम तक हथियारयुक्त प्लूटोनियम का उत्पादन किया। इससे कम से कम 8 परमाणु बम तैयार किए जा सकते हैं। 

वैसे सैन्य विशेषज्ञ बताते हैं कि तकनीकी तौर पर नॉर्थ कोरिया के पास परमाणु हथियार हैं लेकिन परमाणु हमले लायक मिसाइल बनाने की उसकी क्षमता के बारे में पक्के तौर पर अभी भी कोई कुछ नहीं कह सकता। इसके पहले नॉर्थ कोरिया की तरफ से दावा किया गया है कि उसने छोटे परमाणु हथियार बना लिए हैं लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

कई बार किए हैं परमाणु परीक्षण 

2017 में नॉर्थ कोरिया ने दावा किया था कि उसने 2006, 2009, 2013 और 2016 में सफल परमाणु परीक्षण किए हैं। इन परीक्षणों के बाद उसने अपनी परमाणु क्षमता बढ़ा ली है। नॉर्थ कोरिया ने सितंबर 2016 में जो परमाणु परीक्षण किए वो 10 से 30 किलोटन विस्फोटक क्षमता वाले थे। नॉर्थ कोरिया ने यहां तक दावा किया कि उसने जनवरी 2016 में हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया है।

हाइड्रोजन बम एटम बम से भी ज्यादा विध्वंसक होता है लेकिन नॉर्थ कोरिया के दावे पर यकीन करना मुश्किल है। वैसे इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि नॉर्थ कोरिया लगातार परमाणु हथियारों के मामले में अपने को सशक्त बनाने में लगा हुआ है।  

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