सियोल, एपी। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को दरकिनार कर हथियारों का प्रदर्शन फिर शुरू कर दिया है। दो दिन पहले परमाणु क्षमता वाली क्रूज मिसाइल का परीक्षण किए जाने के बाद अब उसने पूर्वी समुद्र में दो बैलिस्टिक मिसाइल दागी हैं। उत्तर कोरिया का दावा है कि ये और ज्यादा विकसित मिसाइलें हैं।  दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ आफ स्टाफ ने बताया कि बुधवार को दोपहर दो मिसाइल मध्य उत्तर कोरिया से दागी गई हैं। इन मिसाइलों ने समुद्र में गिरने से पहले 800 किमी. की दूरी तय की। इन परीक्षणों का अमेरिकी इंटेलीजेंस एजेंसियां विश्लेषण कर रही हैं।

जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने बताया कि मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक जोन के बाहर जापान और कोरिया प्रायद्वीप के बीच के समुद्री भाग में गिरी हैं। इन परीक्षणों से जापान और क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा है। जापान सरकार किसी भी आकस्मिक परिस्थितियों के लिए मजबूती से तैयारी कर रही है। इन मिसाइलों से कोई नुकसान होने की जानकारी नहीं है। दो दिन पहले उत्तर कोरिया ने लंबी दूरी वाली क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया था। यहां के सरकारी मीडिया ने दावा किया था कि परीक्षण की गई मिसाइल 1500 किमी. तक सटीक निशाना साध सकती है। यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।

बुधवार को बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण ऐसे समय में किया गया है, जब उत्तर कोरिया को पूरा सहयोग और सहायता देने वाले चीन के विदेश मंत्री वांग यी सियोल में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के साथ उत्तर कोरिया की ही परमाणु कूटनीति को लेकर वार्ता कर रहे थे। मून ने चीन के उत्तर कोरिया के साथ परमाणु गतिरोध को दूर करने के प्रयासों की प्रशंसा की है। ज्ञात हो कि उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच वर्तमान में तनाव चरम पर है और परमाणु हथियारों के संबंध में वार्ता 2019 से रुकी हुई है।

दक्षिण कोरिया ने किया जवाबी मिसाइल परीक्षण

दक्षिण कोरिया ने कहा है कि उत्तर कोरिया के दो मिसाइलों के परीक्षण के कुछ देर बाद ही उसने भी पानी के अंदर मिसाइल का परीक्षण किया है। राष्ट्रपति मून जे इन ने बताया कि पनडुब्बी मिसाइल पूरी तरह से स्वदेशी है। यह मिसाइल 3 हजार टन क्षमता वाली पनडुब्बी से दागी गई।

Edited By: Manish Pandey