वेलिंगटन, एजेंसी। कोरोनावायरस के प्रकोप को देखते हुए न्यूजीलैंड में होने वाले आम चुनावों को चार हफ्ते के लिए टाल दिया गया है। इसका एलान न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने किया। पहले 19 सितंबर को चुनाव होने थे, लेकिन अब 17 अक्टूबर के बाद ही आम चुनाव हो सकेंगे।

102 दिन बाद पिछले सप्ताह न्यूजीलैंड के सबसे बड़े शहर आकलैंड में एक बार फिर संक्रमण का पता चला था, जिसके बाद वहां लॉकडाउन कर दिया गया था। आकलैंड में एक्टिव केस की संख्या 58 है। अधिकारियों का मानना है कि संक्रमण विदेश से आया है, लेकिन वे यह पता नहीं लगा पाएं कि आखिर इसने किस तरह देश में प्रवेश किया। वैसे तो प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न के पास दो महीने तक चुनाव टालने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने से पहले संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को बुलाया था।

पीएम ने साफ किया कि भविष्य में चुनावों को नहीं टाला जाएगा, भले ही स्थितियां कुछ भी हों। उन्होंने कहा, 'कोरोना ने दुनियाभर में कहर बरपा रखा है, लेकिन दक्षिण कोरिया और सिंगापुर महामारी के दौरान चुनाव कराने में सफल रहे हैं।' पीएम ने यह भी कहा कि चुनाव की नई तारीखों को तय करने के लिए संसद सत्र बुलाया जाएगा। माना जा रहा है कि सितंबर के शुरुआती हफ्ते में यह सत्र बुलाया जा सकता है। 

विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी के नेता जूडिथ कोलिंस ने चुनाव टालने पर ज्यादा कुछ तो नहीं बोला है, लेकिन उन्होंने यह आरोप जरूर लगाया है कि सीमा पर टेस्टिंग ठीक से नहीं हुई थी। उधर, दूसरे विपक्षी दलों ने चुनाव टाले जाने का स्वागत किया है। ओपिनियन पोल में पीएम अर्डर्न की लिबरल लेबर पार्टी की जीत सुनिश्चित बताई जा रही है। अर्डर्न ने महामारी पर जिस तरह से नियंत्रण किया है, उससे देश में उनकी लोकप्रियता बढ़ी है। इस मुद्दे पर उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रशंसा की गई है।

न्‍यूजीलैंड में लोकप्रिय नेता हैं जेसिंडा

हाल ही में न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा सितंबर में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले ऑकलैंड में राधा कृष्ण मंदिर का दौरा किया था। इस दौरान जेसिंडा ने भारतीय शाकाहारी खाने का स्वाद लिया था। 39 वर्षीय जेसिंडा ने देश में कोरोना वायरस से मुक्‍त करवाया। उनकी उपलब्धियां देश के इतिहास में सभी राष्ट्राध्यक्षों में सबसे अधिक है।  लिया है।  जेसिंडा ने प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद से ही देश-विदेश में खुब तारीफें बटोरी हैं। देश में उनके नेतृत्व क्षमता की तुलना अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से करते हैं। क्योंकि इससे पहले मार्च 2019 में क्राइस्टचर्च में हुए हमले के बाद जेसिंडा की पीड़ित परिवारों से गले मिलते हुए तस्वीरों ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं। टाइम मैग्जीन ने उन्हें पर्सन ऑफ द ईयर के लिए भी नॉमिनेट किया था। 

 

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