यरुशलम, रायटर। इजरायल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और संसद के स्पीकर बेनी गेंट्ज के बीच मिलकर सरकार चलाने की सहमति बन गई है। इससे गेंट्ज को समर्थन देने वाले मतदाताओं को तगड़ा झटका लगा है जिन्होंने लगातार तीन चुनावों में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के खिलाफ गेंट्ज की ब्ल्यू एंड व्हाइट पार्टी का समर्थन किया था। हजारों लोगों ने सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

स्पीकर बने गेंट्ज, कहा- कोरोना प्रकोप की वजह से किया समझौता

गुरुवार को संसद के स्पीकर पद के चुनाव में गेंट्ज की उम्मीदवारी का लिकुड पार्टी ने समर्थन किया था। इससे गेंट्ज निर्विरोध चुने गए थे। इससे सत्तारूढ़ लिकुड पार्टी और विपक्ष की भूमिका में चुनाव लड़ी ब्ल्यू एंड व्हाइट पार्टी के बीच समझौता होने के संकेत मिले थे। 

भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे नेतन्याहू के साथ गेंट्ज के जाने पर उठे सवाल

इस चुनाव के बाद ब्ल्यू एंड व्हाइट पार्टी के साथ गठबंधन में शामिल कई पार्टियों के नेताओं ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने भ्रष्टाचार के आपराधिक मामलों में फंसे नेतन्याहू के साथ गेंट्ज के जाने पर सवाल उठाए थे। नेतन्याहू पर लगे आरोपों की अदालत में जल्द ही सुनवाई होने वाली है।

87 लाख की आबादी वाले इजरायल में वायरस पीड़ित लोगों का आंकड़ा तीन हजार के पार

गेंट्ज ने कहा है कि देश में कोरोना वायरस से पैदा हुई बुरी स्थिति को देखते हुए नेतन्याहू के साथ उन्होंने समझौता किया है। 87 लाख की आबादी वाले इजरायल में कोरोना वायरस पीड़ित लोगों का आंकड़ा तीन हजार को पार कर चुका है, दस लोगों की मौत भी हो चुकी है।

गेंट्ज के फैसले से बढ़ा पार्टी के टूटने का खतरा

गेंट्ज के इस फैसले से महज 13 महीने पहले बनी उनकी ब्ल्यू एंड व्हाइट पार्टी के टूटने का खतरा पैदा हो गया है। यह पार्टी दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी और दस साल से सत्ता पर काबिज नेतन्याहू के विरोध में बनी थी।

एक साल के भीतर तीन चुनाव

नेतन्याहू के विरोध को ही आधार बनाकर उसके साथ कई पार्टियां आई थीं और उन्होंने मिलकर एक साल के भीतर तीन चुनाव लड़े थे। इसी महीने तीसरे चुनाव के बाद नेतन्याहू विरोधी कई दलों ने साथ आकर गेंट्ज के समर्थन के लिए बहुमत भी तैयार कर लिया, लेकिन बनने से पहले बात बिगड़ गई।

Posted By: Bhupendra Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस