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भारत यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंध, सीमा मुद्दे पर चर्चा हुई; नेपाली प्रधानमंत्री प्रचंड ने संसद को दी जानकारी

प्रचंड ने हाल ही में 11 देशों के राजदूतों को वापस बुलाने के फैसले का बचाव किया। नेपाल सरकार ने भारत और अमेरिका समेत 11 देशों से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया। इन राजदूतों में नेपाली कांग्रेस के कोटे से नियुक्त राजदूत भी शामिल थे। सांसदों के प्रश्न के उत्तर में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने संविधानिक प्रविधान के अनुसार राजदूतों को वापस बुलाया है।

By Agency Edited By: Abhinav Atrey Thu, 20 Jun 2024 11:45 PM (IST)
प्रचंड ने 11 देशों के राजदूतों को वापस बुलाने के फैसले का बचाव किया। (फाइल फोटो)

पीटीआई, काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने गुरुवार को संसद को बताया कि अपनी हाल की भारत यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने, पिछले समझौतों को लागू करने और सीमा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा बातचीत के प्रमुख विषय थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नौ जून को हुए शपथ ग्रहण समारोह में प्रचंड नई दिल्ली पहुंचे थे। अपनी भारत यात्रा के संबंध में प्रतिनिधि सभा को प्रधानमंत्री प्रचंड ने बताया, 'पंचेश्वर बहुद्देश्यीय परियोजना, अरुण हाईड्रोपावर प्रोजेक्ट एवं कृषि क्षेत्र में सहयोग के बारे में गंभीर चर्चा हुई।'

प्रचंड ने 11 देशों के राजदूतों को वापस बुलाने के फैसले का बचाव किया

प्रचंड ने हाल ही में 11 देशों के राजदूतों को वापस बुलाने के फैसले का बचाव किया। नेपाल सरकार ने भारत और अमेरिका समेत 11 देशों से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया। इन राजदूतों में नेपाली कांग्रेस के कोटे से नियुक्त राजदूत भी शामिल थे। सांसदों के प्रश्न के उत्तर में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने संविधानिक प्रविधान के अनुसार राजदूतों को वापस बुलाया है।

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