काठमांडू, एजेंसियां। नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के लिए राजनीतिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। उनके अपने दल नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी की स्थायी समिति के 18 में से 17 सदस्यों द्वारा पद छोड़ने का दबाव बनाने के बाद ओली अपनी कुर्सी बचाने के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से मुलाकात की। इसके बाद राष्ट्रपति ने कैबिनेट की सिफारिश पर संसद का बजट सत्र स्थगित कर दिया। इस बीच ओली के राष्ट्र को संबोधित करने की चर्चा होती रही।

नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी में ओली के विरोध में पिछले कुछ दिनों से लगातार आवाजें उठ रही हैं। उन पर इस्तीफे का जबर्दस्त दबाव बनाया जा रहा है। बीते बुधवार को पार्टी की स्थायी समिति की बैठक में 18 में 17 सदस्य ने इस्तीफे की मांग का समर्थन किया। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड, माधव नेपाल, झलनाथ खनल और बामदेव गौतम ने ओली पर कई मामलों में नाकामी का आरोप लगाते हुए पद छोड़ने की मांग की। ओली की बुधवार को तबियत बिगड़ने पर अस्पताल भी ले जाया गया था। गुरुवार दोपहर उन्होंने राष्ट्रपति के शीतल निवास जाकर उनसे भेंट की। इसके बाद ओली ने कैबिनेट की बैठक बुलाई। कैबिनेट की सिपारिश पर बाद में राष्ट्रपति ने मौजूदा बजट सत्र स्थगित कर दिया।

राष्ट्रपति से मिले प्रचंड

नेपाल में जारी गहमागहमी के बीच ओली को चुनौती दे रहे प्रचंड ने देर शाम राष्ट्रपति से भेंट की। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति ने प्रचंड से नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी में चल रही गतिविधियों का जायजा लिया। राष्ट्रपति भंडारी भी पहले नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी में रह चुकी हैं। उधर ओली के मीडिया सलाहकार रामसरन बजगैन ने कहा कि पीएम ने दिन में प्रचंड और पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से मुलाकात की। इस बीच गुरुवार को स्थायी समिति की एक संक्षिप्त बैठक हुई जिसमें कोई सहमति न बनने पर मामले को शुक्रवार तक टाल दिया गया। उल्लेखनीय है पार्टी के शीर्ष नेता, ओली द्वारा भारत के विरोध में दिए गए बयान को लेकर नाराज हैं। ओली ने रविवार को अपनी सरकार अस्थिर करने के लिए भारत पर साजिश रचने का आरोप लगाया था।

नेपाल के साथ संबंध मजबूत करने की दिशा में भारत प्रतिबद्ध

इस बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और नेपाल में मित्रता के सदियों पुराने सभ्यतागत संबंध हैं। ओली की टिप्पणी और भारत-नेपाल संबंधों में तनाव के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि हम अपने संबंधों को लगातार मजबूत करने की दिशा में प्रतिबद्ध हैं।

Posted By: Manish Pandey

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