काठमांडू, एजेंसियां। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने सोमवार को देश के नाम संबोधन में एक बार फिर भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि दक्षिण एशिया के अन्य देशों की तुलना में नेपाल में मृत्‍यु दर कम है। भारत से आने वाले लोग बिना उचित जांच के आ रहे हैं, जिसने आगे कोरेाना वायरस के प्रसार में योगदान दिया है।  

 नेपाल में लॉकडाउन दो जून तक बढ़ाया  

उन्‍होंने कहा कि सरकार कोविड-19 की जांच का दायरा बढ़ाएगी। कोरोना संक्रमण के लिए देश की कम से कम दो फीसदी जनता की जांच की जाएगी क्योंकि देश में संक्रमण के मामले बढ़े हैं। नेपाल में सोमवार को एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे ज्यादा 79 नए मामले सामने आए हैं, जिससे संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 682 हो गई है। वायरस के प्रसार को रोकने के लिये नेपाल ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को दो जून तक बढ़ा दिया है। 

नेपाल में 20 लैब्‍स कर रही हैं कोरेाना की जांच  

नेपाल उन राष्ट्रों में शामिल है जहां वायरस संक्रमण के मामले बेहद कम हैं और अब तक सिर्फ चार जानें गई हैं। राष्ट्र के नाम टेलीविजन पर प्रसारित अपने संदेश में प्रधानमंत्री ओली ने कहा कि यह सरकार वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिये अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी हम देश में 20 प्रयोगशालाओं में संक्रमण की जांच कर रहे हैं। यद्यपि शुरू में हमारे पास जांच के लिये सिर्फ एक प्रयोगशाला थी। उन्‍हेांने कहा कि सरकार जांच का दायरा बढ़ाएगी और देश की तीन करोड़ आबादी में से कम से कम दो प्रतिशत का परीक्षण किया जाएगा। 

देश में बढ़ाए जाएंगे आइसोलेशन सेंटर 

उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार पृथक वास केंद्रों (आइसोलेशन सेंटर) को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है और इसके लिए होटलों, सार्वजनिक संरचनाओं का इस्तेमाल किया जाएगा, जो अब तक नहीं किया जा रहा था। ओली ने कहा कि कोविड-19 से मुकाबले में नेपाल की स्थिति संतोषजनक है उन्होंने कहा कि सरकार विदेशों में स्थित नेपाली नागरिकों के सामने आ रही समस्याओं को लेकर संवेदनशील है और उनकी वतन वापसी की योजना बनाई जाएगी।

ओली ने कहा था, भारत से आ रहा कोरोना वायरस चीन और इटली से भी ज्यादा खतरनाक

इससे पहले 21 मई को कोरोना महामारी के सामने आने के बाद ओली ने पहली बार संसद को संबोधित किया था। संबोधन के दौरान उन्होंने कहा था कि भारत से आ रहा कोरोना वायरस चीन और इटली से भी ज्यादा खतरनाक है।'

ओली ने कहा था कि भारत से अवैध तरीके से आने वाले लोग नेपाल में कोरोना वायरस फैला रहे हैं। इन लोगों को लाने के लिए देश के कुछ स्थानीय नेता और जनप्रतिनिधि भी जिम्मेदार हैं। इस दौरान उन्‍होंने कहा था कि कालापानी, लिपुलेक और लिम्पियाधूरा नेपाल का क्षेत्र है और वह कूटनीतिक और राजनीतिक रास्तों से इसे वापस लेंगे। पिछले दिनों ओली सरकार ने एक नए नक्शे को भी मंजूरी दी है, जिसमें भारत के इन तीनों क्षेत्रों को नेपाल के क्षेत्र के रूप में दर्शाया है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस