नेपाल सरकार ने भारत से की खास मांग, अब एक आईडी से आना-जाना होगा आसान; बदलेंगे नियम
नेपाल ने भारत से अनुरोध किया है कि उसके बायोमेट्रिक राष्ट्रीय पहचान पत्र को भारत आने-जाने के लिए वैध दस्तावेज ...और पढ़ें

नेपाल ने डिजिटल पहचान पत्र को वैध दस्तावेज बनाने की सिफारिश की

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डिजिटल डेस्क, काठमांडू। भारत और नेपाल के बीच आवाजाही को और आसान बनाने के लिए नेपाल सरकार ने भारत से एक अहम अनुरोध किया है। नेपाल ने कहा है कि उसके बायोमेट्रिक राष्ट्रीय पहचान पत्र को भी भारत आने-जाने के लिए वैध दस्तावेज माना जाए।
नेपाल के आव्रजन विभाग के अनुसार, यह प्रस्ताव गृह मंत्रालय से होते हुए विदेश मंत्रालय के जरिए कूटनीतिक माध्यम से नई दिल्ली भेजा गया है।
अभी क्या है नियम?
फिलहाल नेपाली नागरिकों को भारत की हवाई यात्रा के लिए नागरिकता प्रमाण-पत्र या पासपोर्ट रखना जरूरी है। वहीं भारतीयों को नेपाल जाने के लिए पासपोर्ट या वोटर आईडी कार्ट चाहिए होता है। अगर भारत इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है, तो नेपाल का राष्ट्रीय पहचान पत्र पासपोर्ट और नागरिकता प्रमाण पत्र के बाद तीसरा आधिकारिक दस्तावेज बन जाएगा।
इससे नेपाली नागरिक थल और वायु दोनों मार्गों से आसानी से भारत आना-जाना कर सकेंगे।
कैसा है नेपाल का पहचान पत्र?
नेपाल ने 2018 में यह डिजिटल कार्ड शुरू किया था। इसमें फिंगरप्रिंट, चेहरे की तस्वीर और आंखों की पुतली जैसी बायोमेट्रिक जानकारी होती है। यह कार्ड काफी सुरक्षित है। अभी इसे सरकारी सेवाओं और बैंकिंग में अनिवार्य किया जा चुका है। नेपाल की योजना भविष्य में नागरिकता प्रमाण पत्र की जगह पूरी तरह इसी कार्ड को लागू करने की है।
भारत और नेपाल के बीच 1950 की शांति और मैत्री संधि के तहत खुली सीमा है। दोनों देशों के लोग बिना वीजा के आना-जाना और काम कर सकते हैं। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और नेपाली अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर सकारात्मक बातचीत भी हुई है।
अधिकारियों का मानना है कि अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो सीमा पार करने वाले लाखों लोगों की यात्रा आसान होगी और यात्रा का डेटा भी बेहतर तरीके से रखा जा सकेगा।
(न्यूज एजेंसी PTI के इनपुट के साथ)
