नेपाल में तबाही मचाने वाले ग्लेशियर के टूटने का वीडियो आया सामने, अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के शुरुआती पलों का एक खौफनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक विशाल ग्लेशियर टूटकर ढहता दिख रहा है।
HighLights
ग्लेशियर टूटने का खौफनाक वीडियो सामने आया।
626 मौतें, 2000 से अधिक लोग लापता।
अस्थायी झील से नई बाढ़ का खतरा।
डिजिटल डेस्क, काठमांडू। नेपाल में आई भीषण बाढ़ की शुरुआत का एक खौफनाक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा ढहता और टूटता हुआ दिखाई दे रहा है।
तिब्बत इलाके में मौजूद पर्यटकों ने ग्लेशियर के ढहने और उसके बाद उठे एवलांच के शुरुआती पलों को अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। इस विनाशकारी आपदा में अब तक 626 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 2 हजार से ज्यादा लोग लापता है।
गड़गड़ाहट से शुरू हुआ खौफनाक मंजर
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, 26 साल के टूर गाइड जीहा यिटिए और उनके हाइकर्स का ग्रुप तिब्बत में एक ऑब्जर्वेशन डेक पर था, जहां से त्सांगबू री की सुंदर चोटी और ग्लेशियर दिखाई दे रहे थे।
सुबह करीब 10:50 बजे धुंध छंटते ही जैसे ही पर्यटकों ने कैमरे निकाले, तभी पहाड़ों में तेज धमाके जैसी गड़गड़ाहट गूंज उठी।
जीहा ने बताया, ऐसा लगा जैसे पहाड़ों के अंदर कोई बड़ा विस्फोट हुआ हो। इसके तुरंत बाद आसमान में धुएं और धूल का विशाल मशरूम बादल छा गया और देखते ही देखते ग्लेशियर से बर्फ और चट्टानों के टुकड़े सीधी ढलान से नीचे गिरने लगे।
50 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से फैला
विशेषज्ञों और चीनी मीडिया के अनुसार, ऊंचाई पर ग्लेशियर का एक विशाल हिस्सा टूटकर नीचे गिरा। गिरते समय इसने अपने साथ बर्फ, भारी चट्टानें, मिट्टी और मलबे को मिला लिया, जिससे यह एक भयानक डेब्रिस फ्लो में बदल गया।
वीडियो में ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिरता नजर आता है।
चीनी विशेषज्ञ गुओ झाओचेंग के मुताबिक, मलबे का यह सैलाब लगभग 50 मीटर प्रति सेकंड की घातक रफ्तार से आगे बढ़ा, जिससे लोगों को भागने या संभलने का मौका नहीं मिला।
100 किलोमीटर दूर तक तबाही, नई बाढ़ का खतरा
USGS (अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण) के अनुसार, इस तबाही और बाढ़ का असर 100 किलोमीटर दूर तक देखा गया। मलबा 20 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैलते हुए सीधे चीन के ग्यिरोंग पोर्ट तक पहुंच गया।
जब पहाड़ से पर्यटक नीचे उतरे, तब उन्हें सड़कों के बंद होने और भारी तबाही का पता चला।
फिलहाल घटना स्थल के ऊपरी इलाकों में मलबे की वजह से एक अस्थायी झील बन गई है, जिसने निचले इलाकों में एक और बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। राहत और बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
