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कौन हैं वो 2 रहस्यमयी पायलट? फ्लाईदुबई विमान में फरिश्ता बनकर बचाई 182 जिंदगियां

Published: Sun, 04 Oct 2026 11:03 PM (IST)Updated: Sun, 04 Oct 2026 11:27 PM (IST)

फ्लाईदुबई की इजरायल जा रही उड़ान में को-पायलट द्वारा कैप्टन पर हमला करने के बाद दो रहस्यमयी पायलटों ने 182 ...और पढ़ें

फ्लाईदुबई विमान के रहस्यमयी पायलटों की पहचान अब भी गुप्त

फ्लाईदुबई विमान के रहस्यमयी पायलटों की पहचान अब भी गुप्त

HighLights

  1. को-पायलट के हमले के बाद कॉकपिट में मची खूनी तबाही।

  2. दो रहस्यमयी पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला, जान बचाई।

  3. 182 यात्रियों को बचाते हुए तबुक में सुरक्षित लैंडिंग करवाई।

डिजिटल डेस्क, यरूशलम। इजरायल जा रही फ्लाईदुबई के उस विमान में जब मौत बेहद करीब मंडरा रही थी और विमान एक भयानक गोता लगा रहा था, तब काकपिट में मची खूनी तबाही के बीच कुछ ऐसे फरिश्ते बनकर सामने आए जिन्होंने आसमान में ही महाविनाश को टाल दिया।

इस विमान में कुल 182 लोग सवार थे, जिन्हें बचाने वाले उन जांबाज पायलटों की पहचान इस घटना के तीन दिन बाद भी एक रहस्य बनी हुई है। दूसरी पंक्ति में बैठे यात्री डैनियल श्लिचटर ने बताया कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं था कि उस विमान में दो अतिरिक्त पायलट मौजूद थे।

विमानन की भाषा में इसे डेडहेडिंग कहा जाता है, और वे इसलिए वहां थे क्योंकि उन्हें तेल अवीव से दुबई विमान को वापस लाना था। यात्रियों की चीखों के बीच जब को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छर पर बेरहमी से हमला कर दिया और चारों तरफ खून फैल गया, तो गंभीर रूप से घायल कैप्टन ने किसी तरह दरवाजा खोला।

यात्रियों द्वारा हमलावर को काबू में करने के बाद उन रहस्यमयी पायलटों में से एक ने भीड़ के ऊपर से छलांग लगाकर काकपिट में प्रवेश किया और तुरंत कमान संभाल लिया। घटना का विवरण देते हुए यात्री श्लिचटर ने बताया कि दोनों पायलटों ने अंदर पहुंचते ही बिना एक पल गंवाए विमान का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।

विमान का गोता इतना खतरनाक और अत्यधिक तीव्र था कि उसका रडर तक टूट गया था और विमान को स्थिर करने में लगभग 10 मिनट या उससे अधिक का समय लगा। इस दौरान एक मेडे काल भी जारी की गई।

हालांकि, स्थिति संभलने के बाद शुरुआती कुछ मिनटों तक यात्रियों के साथ कोई संवाद न होने के कारण कुछ देर के लिए डर और संशय का माहौल बन गया था।

यात्रियों के मन में यह खौफ भी आया कि कहीं विमान को ईरान या किसी अन्य अज्ञात स्थान की तरफ तो नहीं मोड़ा जा रहा है, क्योंकि वे उन इलाकों से बहुत दूर नहीं थे। लेकिन करीब 45 मिनट बाद जब उन पायलटों ने घोषणा की कि वे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंडिंग करने वाले हैं और सब कुछ ठीक हो जाएगा, तब जाकर यात्रियों की सांस में सांस आई।

फ्लाइदुबई एयरलाइन ने अभी तक उन रहस्यमयी पायलटों को केवल आन-ड्यूटी क्रू मेंबर के रूप में ही बताया है और उनकी पहचान सार्वजनिक न करने के कारणों पर चुप्पी साधी हुई है। इसके बावजूद, उन गुमनाम नायकों का यह साहस और पलक झपकते ही सही निर्णय लेने की उनकी क्षमता, उन 182 यात्रियों के लिए पुनर्जन्म जैसा साबित हुआ, जो आज भी उस चमत्कार को नम आंखों से याद करते हैं। (समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ)