यांगून, आईएएनएस। उत्तरी म्यांमार में एक जेड खनन स्थल पर गुरुवार को हुए भूस्खलन के बाद कम से कम 162 शव मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि कासिन राज्य के हापाकांत क्षेत्र में अभी भी लापता लोगों को खोजा जा रहा है। 

अग्निशमन सेवा ने कहा कि भारी बारिश के कारण चट्टान खिसक गई और इसके बाद वहां पत्थर इकट्ठा करने वाले लोग इसकी चपेट में आ गए।  बता दें कि म्यांमार दुनिया में जेड का सबसे बड़ा स्रोत है, लेकिन इसकी खदानों में कई दुर्घटनाएं होती रहती है। काचिन राज्य के सामाजिक मामलों के मंत्री, डैश ला ने कहा कि 9.15 स्थानीय समय (12.45 GMT) 162 शव पाए गए और 54 घायल लोगों को अस्पताल ले जाया गया।  अभी भी लापता लोगों की संख्या के लिए कोई आंकड़ा नहीं दिया गया। 

अग्निशमन विभाग ने अपने फेसबुक पोस्ट में इसकी जानकारी दी है।   अपने फेसबुक पोस्ट में अग्नीशमन ने कहा है कि अभी भी बचाव अभियान जारी है और मिट्टी में दबे हुए लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। बता दें कि, इस पूरे क्षेत्र का रखरखाव ठीक प्रकार से नहीं किए जाने की वजह से ही यहां बारिश के दौरान भूस्खलन होता रहता है। 

गौरतलब है कि पिछले वर्ष अगस्त दक्षिण-पूर्वी म्यांमार में भूस्खलन हुआ था। इस दौरान 59 लोगों की जान चली गई थी।  बता दें कि यह घटना भी भारी बारिश की वजह से हुई थी।  उस वक्त आई बाढ़ और बारिश से करीब 80 हजार लोगों ने उनका अशियाना छीन लिया था। ज्ञात हो कि म्यांमार में दुनिया में सबसे ज्यादा जेड पत्थर या हरिताश्म यानी हरे रंग के मूल्यवान किमती पत्थर पाए जाते हैं। जानकारी के अनुसार, हर साल म्यांमार जेड पत्थरों का लगभग 30 अरब डॉलर का कारोबार करता है।

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Posted By: Ayushi Tyagi

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