सऊदी अरब में कत्ल: 'चार साल की बच्ची हो गई अनाथ...', बांग्लादेशी स्वीटी की रियल स्टोरी
सऊदी अरब के मक्का में दो बांग्लादेशी नागरिकों, नजरुल इस्लाम और स्वीटी अख्तर को मस्जिद में अश्लील कृत्य के आरोप में मौत की सजा दी गई।

बांग्लादेशी स्वीटी की रियल स्टोरी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
HighLights
मक्का में दो बांग्लादेशी नागरिकों को मौत की सजा।
मस्जिद में अश्लील कृत्य का आरोप लगा था।
स्वीटी अख्तर का परिवार बेटी की वापसी चाहता है।
डिजिटल डेस्क, ढाका। सऊदी अरब के मक्का में 14 अक्तूबर 2026 को दो बांग्लादेशी नागरिकों नजरुल इस्लाम और स्वीटी अख्तर को मौत की सजा दी गई। सऊदी गृह मंत्रालय के अनुसार, उन दोनों ने मक्का की एक मस्जिद में अश्लील कृत्य किया, जिससे मस्जिद की पवित्रता का उल्लंघन हुआ। जिसके बाद अदालत ने दोनों को मौत की सजा सुनाई।
बांग्लादेश में स्वीटी अख्तर के पिता ने बांग्लादेश सरकार से गुहार लगाई है कि उनकी बेटी उन्हें हर हाल में वापस चाहिए। अगर वह जीवित है तो भी, और अगर उसकी मौत हो गई है तो भी।
काम की तलाश में सऊदी अरब गई स्वीटी- पिता
स्वीटी के पिता ने कहा कि मैंने उसकी शादी कराई थी, लेकिन वो शादी चली नहीं, जिसके बाद उसने दोबारा शादी नहीं की और घर का खर्च उठाने और काम की तलाश में विदेश चली गई। 6 महीने तक वह वहां काम करती रही और हर महीने पैसे भेजती रही। एक दिन उसका किसी से झगड़ा हो गया तो पुलिस ने मेरी बेटी को गिरफ्तार कर लिया।
अब खबर आ रही है कि स्वीटी और नजरूल इस्लाम के साथ कथित तौर पर मक्का की एक मस्जिद में अश्लील हरकत करने के जुर्म में सऊदी अरब में उनका हत्या कर दी गई है।
स्वीटी की चार साल की बेटी बिना मां के हो गई- स्वीटी के पिता
स्वीटी के पिता का कहना है कि उसकी चार साल की बेटी अब बिना मां हो गई है। स्वीटी ने शादी टूटने के बाद सऊदी अरब जाने का फैसला किया और उसकी बहन ने उसकी बच्ची को अपने पास रख लिया। लेकिन अब वह बच्ची कभी अपनी मां को नहीं देख पाएगी।
मुझे बस अपनी बेटी वापस चाहिए- स्वीटी की मां
बांग्लादेश अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वीटी के पिता मियां फजल ने बताया कि उन्होंने चार साल पहले कर्जा लेकर अपनी बेटी को विदेश भेजा था। बेटी की मौत की खबर की पुष्टि का इंतजार कर रहे पिता की आंखों में सिर्फ आंसू है, इंतजार है और बेबसी है। वह अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी बेटी वापस आ जाए।
स्वीटी की मां जोहरा का कहना है कि मैं चाहती हूं कि सरकार मुझे बताए कि मेरी बेटी के साथ क्या हुआ है। मुझे मेरी बेटी वापस चाहिए, चाहे वह जिंदा हो या फिर मर चुकी हो, मुझे बस अपनी बेटी वापस चाहिए।
