पीएम मोदी को देखकर सीट से खड़े हो गए ट्रंप, मिलाया हाथ... द्विपक्षीय बैठक में किन-किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की 16 महीने बाद मुलाकात हुई, जिसके बाद बुधवार को उनकी द्विपक्षीय बैठक होगी

लगभग 16 महीनों बाद जी-7 शिखर सम्मेलन में आमने-सामने की मुलाकात हुई
HighLights
जी-7 में मोदी-ट्रंप की 16 महीने बाद हुई मुलाकात।
बुधवार को होगी भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय बैठक।
व्यापार, रक्षा, वैश्विक मुद्दों पर होगी चर्चा।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। फ्रांस के शहर एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मंगलवार को एक संक्षिप्त मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया, लेकिन गले नहीं मिले। फिर थोड़ी देर बातचीत की।
सूत्रों के अनुसार यह मुलाकात अनौपचारिक रही, जबकि बुधवार देर शाम (भारतीय समयानुसार) दोनों नेताओं के बीच औपचारिक द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। फरवरी, 2025 में वाशिंगटन में हुई पिछली बैठक के लगभग 16 महीने बाद उनकी यह पहली आमने-सामने की मुलाकात है।
बुधवार को होगी बैठक
दोनों नेताओं की यह बैठक भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से पश्चिम एशिया विवाद के दौरान वाणिज्यिक जहाजों पर हमले का मुद्दा उठाए जाने की संभावना है।
PM Modi and U.S. President Donald Trump interacted at the sidelines of the G7 Summit in Evian, France.
— BJP (@BJP4India) June 16, 2026
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मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता के काल में मोदी और ट्रंप की यह मुलाकात भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के संदर्भ में भी अहम मानी जा रही है। हाल ही में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की अगुआई में बैठक हुई है जिसमें आपसी द्विपक्षीय संबंधों को अहम बताया गया है।
ट्रंप प्रशासन के दौरान यह साझेदारी काम्पैक्ट (सैन्य साझेदारी, वाणिज्य व प्रौद्योगिकी में सहयोग की संभावनाओं पर काम करने वाला) जैसी पहलों से और गति पकड़ रही है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक दोगुना करने के लक्ष्य पर काम हो रहा है। आपसी वार्ता में टैरिफ, एच-1बी वीजा जैसे चुभते हुए मुद्दे भी होंगे जिसको लेकर भारत का एक वर्ग प्रभावित हो रहा है। ऊर्जा सहयोग भी एक बड़ा मुद्दा होगा।
भारत, अमेरिका से बड़ी मात्रा में तेल व गैस की खरीद कर रहा है। अमेरिका से उन्नत हथियारों की संभावित बिक्री, संयुक्त सैन्य अभ्यास और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर भी वार्ता होगी। इसके अलावा हिंद-प्रशांत में चीन की चुनौतियां भी एक मुद्दा रहेगा।
गौरतलब है कि ट्रंप द्वारा मई, 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को रोकने में अहम भूमिका निभाने के दावे किए जाने, अमेरिका की ओर से भारत पर दंडात्मक शुल्क लगाने और ट्रंप प्रशासन के कई अन्य कदमों से दोनों देशों के रिश्तों में भारी गिरावट आ गई थी।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की पिछले महीने भारत यात्रा के बाद दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को फिर से बेहतर बनाने की उम्मीद कर रहे हैं। रूबियो ने भारत को हिंद-प्रशांत को लेकर तैयार अमेरिकी नीति का ‘आधार’ बताया था।
हालांकि, ओमान तट के पास पिछले हफ्ते एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद दोनों देशों के रिश्तों में फिर से तनाव आ गया। जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी का कई अन्य वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात का कार्यक्रम है।
