मॉस्को, प्रेट्र। शनि ग्रह के सबसे बड़े चांद टाइटन के उत्तरी गोलार्ध पर वैज्ञानिकों को मीथेन की बारिश के प्रमाण मिले हैं। अंतरिक्ष यान कैसिनी से मिले डाटा में यह बात सामने आई।

जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक बारिश टाइटन पर गर्मी के मौसम की शुरुआत का संकेत होती है। कैसिनी द्वारा सात जून, 2016 को ली गई तस्वीर में प्रकाश परावर्तित होता दिखा है। तस्वीर में करीब 46,332 वर्ग मील क्षेत्र में प्रकाश का परावर्तन दिखा। कैसिनी द्वारा पहले खींची गई तस्वीरों से ये बिलकुल मेल नहीं खाता है। तस्वीर के अध्ययन से वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला कि यह परावर्तन गीली सतह पर सूर्य का प्रकाश पड़ने हुआ है। वैज्ञानिकों ने कहा कि यह संभवत: मीथेन की बारिश के बाद की तस्वीर है। टाइटन के उत्तरी गोलार्ध पर यह गर्मी की बारिश का पहला प्रमाण है। टाइटन पर एक मौसम करीब सात साल तक रहता है।

वैज्ञानिकों ने बताया कि कैसिनी उस समय टाइटन के नजदीक पहुंचा था, जब इसके दक्षिणी गोलार्ध पर गर्मी का मौसम था। तब कैसिनी ने उस हिस्से पर बादल और बारिश के प्रमाण जुटाए थे। मौसम चक्र के मुताबिक 2017 से टाइटन के उत्तरी ध्रुव पर गर्मी के मौसम की शुरुआत का अनुमान था। इस अनुमान के मुताबिक 2016 में इस हिस्से में बादल बन जाने चाहिए थे। हालांकि वैज्ञानिकों को वहां बादल बनने के प्रमाण नहीं मिले हैं।

हालिया अध्ययन से वैज्ञानिकों को टाइटन के मौसम चक्र को समझने में मदद मिलेगी। रूस स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ इदाहो की शोधार्थी रजनी ढींगरा ने कहा, 'टाइटन के उत्तरी गोलार्ध में गर्मी की शुरुआत के संकेत के लिए बादलों और बारिश का इंतजार हो रहा है। हालांकि अब तक वहां बादल नहीं दिखे हैं। बारिश के ताजा प्रमाण से अध्ययन को गति मिलेगी।'

Posted By: Manish Negi

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