जिनेवा, रायटर। यूक्रेन मसले पर अमेरिका और रूस के विदेश मंत्रियों के बीच स्विट्जरलैंड के शहर जिनेवा में वार्ता शुरू हो गई है। वार्ता से पहले होटल प्रेसिडेंट विल्सन में हाथ मिलाते हुए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा, हमारा सुरक्षा की गारंटी संबंधी प्रस्ताव बिल्कुल स्पष्ट है, हम उसी तरह का स्पष्ट जवाब चाहते हैं। जबकि उनके अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन ने कहा, वह आशा करते हैं कि सब ठीक होगा, हमारे बीच गतिरोध नहीं पैदा होगा। यूक्रेन सीमा पर रूसी सैन्य जमावड़े से पैदा तनाव के बीच यह बैठक हो रही है। गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन रूस को आक्रमण करने पर भयंकर दुष्परिणाम की चेतावनी दे चुके हैं।

ब्लिंकन ने कहा, यह बहुत महत्वपूर्ण समय है। हम उम्मीद नहीं करते कि हमारे मतभेद यहां पर आज खत्म हो जाएंगे। लेकिन यह आशा जरूर है कि हमारे बीच बातचीत का रास्ता अब खुल गया है और उस पर आगे बढ़कर हम कूटनीति के जरिये शांतिपूर्ण तरीके से मतभेद दूर कर लेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री ने बताया कि रूसी समकक्ष से वार्ता में वह अमेरिकी नागरिक पाल व्हेलन और ट्रेवर रीड की रिहाई का मसला भी उठाएंगे। बताएंगे दोनों को रूस में गलत ढंग से अपराधी मानकर गिरफ्तार किया गया है और उन पर मुकदमा चलाया जा रहा है। दोनों अमेरिकी नागरिकों के मसले पर रूसी राष्ट्रपति का क्रेमलिन कार्यालय पहले ही कह चुका है कि सरकार न्यायालय के कार्य में हस्तक्षेप नहीं करती है। इसलिए जो करना है-वह न्यायालय ही करेगा।

रूस ने यूक्रेन पर हमले की योजना से किया इन्कार

इस बीच पश्चिमी देशों को लग रहा है कि रूसी सेना बेलारूस और क्रीमिया की सीमाओं से भी यूक्रेन पर हमला कर सकती है। इस प्रकार से यूक्रेन पर तीन तरफ से हमला बोला जा सकता है, जो यूक्रेन के लिए बेहद नुकसानदायक होगा। रूस ने यूक्रेन पर हमले की योजना से इन्कार किया है लेकिन कहा है कि अगर उसकी सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा होता है तो वह सैन्य कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है। जिनेवा पहुंचे रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रिबकोव ने कहा, सैन्य कार्रवाई करते समय रूस को किसी का डर नहीं होगा, अमेरिका का भी नहीं। उल्लेखनीय है कि रूस यूक्रेन को अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) में शामिल किए जाने की कोशिश का विरोध कर रहा है। रूस को लग रहा है कि यूक्रेन के नाटो में शामिल होने से अमेरिका की मिसाइलें उसकी सीमा पर तैनात हो जाएंगी। रूस यूक्रेन को नाटो में शामिल न किए जाने का स्पष्ट आश्वासन चाहता है। यह आश्वासन न मिलने से आशंकित रूस ने यूक्रेन सीमा पर सैनिकों और हथियारों की तैनाती कर दी है।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan