सियोल, एपी। कोरोना महामारी के साये में दक्षिण कोरिया में बुधवार को संपन्न हुए संसदीय चुनाव में वोटरों ने भारी मतदान किया। मतदान केंद्रों पर वोटिंग के दौरान लोगों ने मास्क पहन रखा था और शारीरिक दूरी का पालन किया। नेशनल असेंबली (संसद) के 300 सदस्यों को चुनने के लिए यह चुनाव ऐसे समय पर कराया गया, जब देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। कोरोना संक्रमण फैलने के शुरुआती दौर में चीन के बाद दक्षिण कोरिया में ही सबसे ज्यादा मामले पाए गए थे।

उपायों के जरिये कोरोना महामारी पर काबू

देश में अब तक साढ़े दस हजार मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर किए गए टेस्ट और तमाम उपायों के जरिये महामारी पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है। इसी के चलते संसदीय चुनाव कराने की राह आसान हुई। हालांकि इन चुनावों को स्थगित करने की मांग भी उठी थी, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने चुनाव कराने का फैसला लिया।

चुनाव नतीजे राष्ट्रपति मून के आधे कार्यकाल का जनमत संग्रह होगा

माना जा रहा है कि चुनाव नतीजे राष्ट्रपति मून जे-इन के आधे कार्यकाल का जनमत संग्रह होगा। मून के कार्यकाल के अभी दो वर्ष शेष हैं। हालिया सर्वेक्षणों में मून और उनकी लिबरल पार्टी के समर्थन में बढ़ोतरी देखी गई है। अनुमान है कि चुनाव में मून की पार्टी की जीत हो सकती है।

महिला वोटर ने कहा- कोरोना को लेकर सहमी हूं, लेकिन मतदान करूंगी

ली कम नाम के एक वोटर ने कहा, 'हम इस समय कठिन दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन कोरोना वायरस और राजनीति दो अलग-अलग चीजें हैं।' राजधानी सियोल में एक बूथ पर मतदान के लिए पहुंची चुंग-यू यंग नामक महिला वोटर ने कहा, 'मैं कोरोना को लेकर सहमी हूं, लेकिन मतदान करूंगी।'

मतदान के लिए किए गए ये उपाय

देशभर में बनाए गए करीब 14 हजार मतदान केंद्रों पर वोटरों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। कतार में एक-एक मीटर की दूरी पर खड़े रहने के लिए निशान बनाए गए थे। कतार में खड़े होने से पहले वोटरों के तापमान की जांच की गई। सैनिटाइजर के साथ मास्क और ग्लव्स दिए गए।

2004 के बाद रिकॉर्ड 62.6 फीसद मतदान

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय चुनाव आयोग के अनुसार, रिकॉर्ड 62.6 फीसद मतदान हुआ। वर्ष 2004 के आम चुनाव के बाद यह सबसे ज्यादा मतदान है।

Posted By: Bhupendra Singh

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