पेरिस, एएफपी। फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ बातचीत होगी, जहां जुकरबर्ग की कंपनी पर टैक्स पॉलिसी को लेकर नई तरह के नियम लागू करने का दबाव बनाया जाएगा।
यूरोप में सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी पर माहौल खराब करने का आरोप लग रहा है, जिससे उन्हें फ्रांस में कई तरह के दबाव और विरोध का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अमेरिकी कंपनी पर ज्यादा टैक्स लगाया जा सकता है। फेसबुक के साथ गूगल, एप्पल और अमेजन जैसी कंपनियों पर कम टैक्स दर को लेकर यूरोपीय नेता और मैक्रों चर्चा करेंगे।
कहा जा रहा है कि मैक्रों जुकरबर्ग के साथ एक चर्चा शुरु करना चाहते हैं, जिससे रेग्युलेशन और अतंरराष्ट्रीय स्तर पर गर्वनेंस के मुद्दे पर स्पष्ट तौर पर सीधे बातचीत हो सके। जुकरबर्ग समेत करीब 60 लोगों टेक बॉस को इसका निमंत्रण मिला है, जिसमें सत्या नडेला, उबर के दारा दारा खोसरोहाही, आईबीएम के गिन्नी रोमेटी, सैप के बिल मैकडोरमोट और विकिमीडिया से जिम्मी वेल्स शामिल हैं। 'टेक फॉर गुड' समिट की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति टैक्स रेग्युलेशन और फेक न्यूज के खिलाफ एक योजना पर मुहिम छेड़ने का मुद्दा उठाएंगे।

फ्रांस के पूर्व निवेश बैंकर ने विदेशी निवेशकों को देश में निवेश करने और देश को स्टार्ट अप हब बनाने को लेकर आमंत्रित किया है। मैक्रों के सहयोगी ने कहा कि उन्होंने अपने राजनितिक करियर में थोड़ा सा ब्रेक लेकर वर्ष 2014 में कैलिफोर्निया का दौरा किया और फिर कुछ रिसर्च के बाद खुद का ऑनलाइन लर्निंग सेक्टर में खोला।
हालांकि उनका आइडिया सोशलिस्ट सरकार के वक्त में किनारे कर दिया गया। लेकिन उनके सत्ता में आने पर इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। उनकी ओर से मल्टीनेशनलिस्ट से टैक्स देने की बात कही गयी। उनकी कॉरपोरेट की सामाजिक जिम्मेदारी की योजना के तहत आए हैं, जिससे अफ्रीकी देशों में मदद मिलेगी।

जुकरबर्ग की माफी-
मार्क जुकरबर्ग को ब्रुसेल्स में यूरोपीय कानूनविदों के तल्ख सवालों का सामना करना पड़ा। उदारवादी नेता गाय वेरहॉफस्टेड ने पूछा कि क्या क्या उन्हें एक प्रतिभाशाली व्यक्ति के रुप में याद किया जाना चाहिए, जिसने डिजिटल राक्षस तैयार किया। जुकरबर्ग ने कहा कि फेसबुक लोगों से जुड़ने का एक नया फीचर लाया, जिससे लग आपस में जुड़ सके। लेकिन पिछले दो वर्षों में इन सुविधा को नुकसान से बचाने के लिए जितने प्रयास किए जाने चाहिए थे, वो नहीं किए गए।

Posted By: Manish Negi