हरारे, प्रेट्र। चक्रवाती तूफान इदाई की चपेट में आकर मोजाम्बिक, जिम्बाब्वे और मलावी में लगभग 150 लोगों की मौत हो गई है। सैकड़ों लोग जहां लापता हैं वहीं ग्रामीण इलाकों में सड़क और टेलीफोन संपर्क टूटने से हजारों लोग जहां-तहां फंसे पड़े हैं। दक्षिण अफ्रीका की सेना ने विमान और 10 चिकित्सा कर्मियों को मोजाम्बिक और मलावी में मदद करने के लिए भेजा है।

संयुक्त राष्ट्र और सरकारी अधिकारियों के मुताबिक इन तीन दक्षिण अफ्रीकी देशों में तूफान की चपेट में आकर 15 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। चक्रवात का सबसे ज्यादा असर मोजाम्बिक के केंद्रीय बंदरगाह शहर बेरा में हुआ है। यहां पर एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। पूरे शहर की बिजली आपूर्ति ठप पड़ने के साथ ही कई घर या तो पूरी तरह नष्ट हो गए हैं या फिर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

बता दें कि सबसे पहले तूफान गुरुवार देर शाम बेरा में आया। इसके बाद पश्चिम की ओर स्थित देश जिम्बाब्वे और मलावी की ओर बढ़ गया। दोनों देशों के उन शहरों में तूफान से नुकसान ज्यादा हुआ है जो मोजाम्बिक की पूर्वी सीमा पर स्थित हैं।

मोजाम्बिक के राष्ट्रपति फिलिप नयूसि ने कहा कि तूफान से हुआ नुकसान 'बहुत चिंताजनक' है। मोजाम्बिक के सरकारी रेडियो के अनुसार, बाढ़ के कारण विमान संचालन में मुश्किल आ रही है, जिसके चलते राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां और रेड क्रास बचाव के प्रयासों में इन देशों की मदद कर रहे हैं। जिसमें हेलीकॉप्टर द्वारा खाद्य आपूर्ति और दवाएं वितरित करना शामिल है।

जिम्बाब्वे में 31 लोगों की मौत
सरकार के अनुसार जिम्बाब्वे में बाढ़ से अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में दो स्कूली छात्र भी शामिल हैं। 150 लोग लापता हैं। मौतें मुख्य रूप से जिम्बाब्वे के चिमनिमनी शहर में हुई हैं। जो मोजाम्बिक के साथ लगती पूर्वी सीमा पर एक पहाड़ी क्षेत्र है। यह इलाका पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। सरकार के प्रवक्ता निक मंगवाना ने कहा कि अभी तक किसी पर्यटक के हताहत होने की सूचना नहीं है।

हवाईअड्डे  को किया गया बंद
एक अधिकारी ने बताया कि हवाई यातायात नियंत्रण टावर, नेविगेशन सिस्टम और रनवे तूफान से क्षतिग्रस्त होने के बाद अधिकारियों को बीरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया हैं। रनवे की कुछ लाइटें तथा नेविगेशन सिस्टम भी खराब हो गया है। कंट्रोल टावर एंटेना और कंट्रोल टावर को भी काफी नुकसान पहुंचा है। रनवे मुश्किलों से भरा हुआ है और पार्क किए गए विमान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

बुधवार देर रात, राष्ट्रीय वाहक LAM ने बीरा और क्वेलिमाने के लिए सभी उड़ानों को रद्द कर दिया, जो तट के नजदीक पर स्थित है, पावर यूटिलिटी इलेक्ट्रीड डी मोकैम्बिक ने एक बयान में कहा कि 14 मार्च से मणिका, सोफाला और इनहम्बेन प्रांत के कुछ हिस्सों में बिजली भी नही हैं।

7 स्कूलों और अस्पताल को नुकसान
एक अधिकारी पेड्रो अरमांडो अल्बर्टो विर्गुला ने बताया कि बीरा शहर के उत्तर में चिंदे कस्बे में अस्पताल, पुलिस स्टेशन और 7 स्कूलों की छतें टूट चुकी हैं और कई घर भी नष्ट हो गए। बीरा सेंट्रल अस्पताल के एक प्रवक्ता बेइरासियो सेबोला ने कहा कि देश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल में थिएटर और सर्जरी को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि से कहा कि चक्रवात के कारण ऑपरेशन थिएटर अब मरीजों के ऑपरेशन करने की हालत में नहीं है।
अफसरों ने कहा कि इस हफ्ते की भारी बारिश ने पहले ही 66 लोगों की जान ले ली, 111 लोगों को घायल कर दिया और 17,000 लोगों को दूसरी जगहों पर विस्थापित कर दिया गया हैं।

Posted By: Arun Kumar Singh

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