माले, एएनआइ। अनुच्‍छेद 370 को लेकर मालदीव ने पाकिस्‍तान को बड़ा झटका दिया है। मालदीव ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद-370 को रद करके जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का निर्णय उसका अंदरूनी मामला है। इससे पहले अमेरिका, फ्रांस, श्रीलंका और बांग्लादेश सहित कई देश इस मुद्दे पर भारत का समर्थन कर चुके हैं।

मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने पाकिस्तान के अपने समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के साथ टेलीफोन पर वार्ता के दौरान कहा कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद को शांतिपूर्ण तरीके से अपने मतभेदों को सुलझाना चाहिए।

मालदीव के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, 'मंत्री शाहिद ने फोन करने के लिए कुरैशी का धन्यवाद करते हुए कहा कि पाकिस्तान और भारत दोनों मालदीव के करीबी दोस्त और द्विपक्षीय साझेदार हैं। ऐसे में दोनों देशों को शांतिपूर्ण तरीकों से मतभेदों को सुलझाना चाहिए। जहां तक अनुच्छेद-370 को खत्म करने की बात है तो मालदीव का मानना है कि यह भारत का आंतरिक मामला है।' मालदीव की इस प्रतिक्रिया से पाकिस्तान को एक और झटका लगा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित कई अन्य मोर्चो पर मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिशों में जुटा है।

अन्‍य मुस्लिम देश भी आए भारत के साथ
इससे पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की ओर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के फैसले पर कहा गया कि अनुच्छेद 370 को हटाए जाना भारत का आंतरिक मामला है। बांग्लादेश ने साथ ही कहा कि उसने हमेशा सिद्धांत की बात की वकालत की है।ऐसे में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बनाए रखना और विकास सभी देशों के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए।

एक और मुस्लिम बहुल देश संयुक्त अरब अमीरात ने भी कहा था कि जम्मू कश्मीर का विशेषाधिकार खत्म करना भारत का अंदरूनी मामला है, वो इसमें किसी भी तरह से हस्तक्षेप नहीं करेंगे। वहीं सऊदी अरब ने एक छोटा सा बयान जारी किया, इसमें कहा गया कि रियासत जम्मू कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर नजर रख रही है, इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों के मुताबिक शांतिपूर्ण समाधान की मांग की गई है।

पीएम मोदी यूएई और बहरीन जाएंगे
बताया जाता है कि पीएम नरेंद्र मोदी की फ्रांस, यूएई और बहरीन की यात्रा और विदेश मंत्री की पड़ोसी देशों की यात्रा के दौरान अलग-अलग कई द्विपक्षीय एजेंडा होगा लेकिन जिस तरह से हमारा देश पड़ोसी देश पाकिस्‍तान कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश में है उसे देखते हुए निश्चित तौर पर भारत अपने मित्र देशों के साथ उस पर भी स्थिति स्पष्ट करेगा।

Posted By: Arun Kumar Singh

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