कोलंबो, एएफपी। मालदीव बीते वर्षों में चीन से लिए भारी कर्ज से उबरने के लिए अब उसे चुकाने की प्रक्रिया के पुनर्गठन का इच्छुक है। वह यह कार्य कूटनीतिक प्रक्रिया के तहत करना चाह रहा है। चीन से बड़ा कर्ज ले चुका छोटा मालदीव अब धन वापसी की समस्या से जूझ रहा है।

चीन से परियोजनाओं के लिए लिया भारी कर्ज

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने अपने पांच साल के कार्यकाल में चीन से परियोजनाओं के लिए भारी कर्ज लिया था। बाद में आई सरकार ने यामीन को देश को कर्ज के जाल में फंसाने का आरोप लगाया है। विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने गुरुवार को कहा, चीन उदार कर्जदाता है लेकिन पूर्व की सरकार ने कर्ज चुकाने के बारे में सोचे बगैर उधार लिया। इससे अब देश का आर्थिक संतुलन बिगड़ रहा है।

मालदीव कर रहा कठिनाई का सामना

श्रीलंका दौरे पर आए शाहिद ने बताया कि मालदीव के सरकारी उपक्रमों पर चीन का 1.4 अरब डॉलर (करीब दस हजार करोड़ भारतीय रुपये) का कर्ज है। इन सबके लिए सरकार ने गारंटी दी हुई है। यह धनराशि 3.40 लाख सुन्नी मुसलमानों के देश के लिए काफी बड़ी है। अब्दुल्ला यामीन सरकार ने जिस तरह से बिना कारण के कर्ज लिया, उससे देश अब कठिनाई का सामना कर रहा है। लेकिन हम इस समस्या का कूटनीतिक तरीके से समाधान निकालेंगे। चीन समर्थक यामीन को मालदीव की अदालत ने भ्रष्टाचार का दोषी मानते हुए नवंबर में पांच साल के कारावास और 50 लाख डॉलर (3,500 करोड़ भारतीय रुपये) सरकारी खजाने में जमा कराने का दंड दिया है। यामीन चुनाव हारने के बाद 2018 में सत्ता से बाहर हुए थे।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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