क्वालालंपुर (रायटर)। मलेशिया में फेक न्यूज छापने पर 10 साल की जेल की सजा हो सकती है और भारी जुर्माना लग सकता है। मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक सरकार ने फेक न्यूज को गैरकानूनी बनाने के लिए सोमवार को संसद में विधेयक पेश किया। इस कदम से मीडिया की आजादी को लेकर चिंता जताई गई है।

विधेयक ऐसे समय में पेश किया गया जब सरकारी फंड 1 मलेशिया डेवलपमेंट बरहाड (1एमडीबी) में घोटाले को लेकर नजीब को व्यापक हमले का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कुछ ही दिनों में राष्ट्रीय चुनाव की घोषणा होने की उम्मीद है। एंटी-फेक न्यूज 2018 विधेयक में तथाकथित फेक न्यूज छापने पर पांच लाख रिंगित (मलेशिया की मुद्रा) यानी एक लाख 28 हजार 140 डॉलर (करीब 83.15 लाख रुपये) जुर्माना, 10 तक की जेल की सजा या दोनों का प्रावधान है।

विधेयक में समाचार, सूचना, डाटा या रिपोर्ट जो पूरी तरह या आंशिक तौर पर झूठे हैं, उन्हें फेक न्यूज बताया गया है। इसमें फीचर, विजुअल और ऑडियो रिकार्डिंग शामिल हैं। इस कानून के तहत डिजिटल प्रकाशन और सोशल मीडिया भी आते हैं। अगर फेक न्यूज से मलेशिया या मलेशियाई नागरिक प्रभावित होता है तो यह कानून विदेशियों सहित मलेशिया से बाहर उल्लंघन करने वालों पर भी लागू होगा। विपक्षी सांसदों ने ऐसे कानून की जरूरत पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि सरकार के पास पहले से ही अभिव्यक्ति की आजादी और मीडिया को लेकर व्यापक अधिकार हैं।

 

Posted By: Kishor Joshi

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