मैड्रिड, एपी। यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका ने साफ कर दिया है कि रूस के तेवरों को देखते हुए वह यूरोप में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ाएगा। तैनात किए जाने वाले सैनिकों को अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित करेगा। साथ ही पोलैंड में स्थायी कमान कार्यालय बनाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने यह एलान उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग के साथ बैठक के बाद किया। यह बैठक स्पेन की राजधानी में होने वाली नाटो के 30 सदस्य देशों के नेताओं की वार्षिक बैठक से पहले हुई थी।

बाइडन ने कहा, नाटो मजबूत और एकजुट है। इसे और मजबूत बनाने के लिए सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, अमेरिका एफ-35 लड़ाकू विमानों के दो स्क्वाड्रन ब्रिटेन में तैनात करेगा। इसी के साथ जर्मनी और इटली में अत्याधुनिक हथियारों की तैनाती होगी। रोमानिया और बाल्टिक देशों में अतिरिक्त बलों की तैनाती होगी। अमेरिका स्पेन के रोटा में स्थित अपने नौसैनिक अड्डे में दो अतिरिक्त विध्वंसक पोत भी तैनात करेगा। बाइडन ने कहा कि ये निर्णय यूरोप के बदले सुरक्षा वातावरण के मद्देनजर लिए गए हैं।

मैड्रिड में होने वाली नाटो समिट ऐतिहासिक होगी। इसमें सदस्य देश सुरक्षा की नई रणनीति बनाएंगे। नाटो महासचिव स्टोल्टेनबर्ग ने कहा, द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद नाटो सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। इसलिए राष्ट्रपति बाइडन की घोषणा स्वागत योग्य है। नाटो प्रमुख ने कहा, मैड्रिड समिट में फिनलैंड और स्वीडन को सैन्य संगठन का सदस्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला होने की भी उम्मीद है। माना जा रहा है कि दोनों देशों की सदस्यता की राह में रोड़ा बना तुर्किये इस दौरान अपना रुख बदलेगा।

नाटो समिट में जापान और आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति भी भाग लेंगे। बाइडन की स्थायी कमान कार्यालय स्थापित करने की घोषणा का पोलैंड ने स्वागत किया है। वहां के उप विदेश मंत्री पावेल जाब्लोंस्की ने कहा है कि यह पोलैंड के साथ अमेरिका के साथ प्रगाढ़ हो रहे रिश्तों का द्योतक है। रूसी खतरे से मुकाबला करने के लिए पोलैंड अमेरिका का अग्रिम मोर्चे का सहयोगी देश है।

Edited By: Shashank Shekhar Mishra