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'ब्राजील किसी पर निर्भर नहीं..', राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद लूला डा सिल्वा का ट्रंप पर तंज

Published: Mon, 26 Oct 2026 08:37 AM (IST)

ब्राजील के प्रेसिडेंट लुइस इनासियों लूला डा सिल्वा ने रनऑफ इलेक्शन में जीत के बाद लूला ने अमेरिकी नीतियों पर ...और पढ़ें

राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद लूला डा सिल्वा का US की नीतियों पर तंज ( फोटो-रॉयटर्स)

राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद लूला डा सिल्वा का US की नीतियों पर तंज ( फोटो-रॉयटर्स)

HighLights

  1. लूला डा सिल्वा ने चौथी बार ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव जीता।

  2. लूला ने अमेरिकी नीतियों पर तंज कसा, डिजिटल नियमन की वकालत की।

  3. उन्होंने देश में लोकतंत्र और जनभागीदारी बढ़ाने का वादा किया।

डिजिटल डेस्क, ब्रासीलिया। ब्राजील के प्रेसिडेंट लुइस इनासियों लूला डा सिल्वा ने रविवार को रनऑफ इलेक्शन में कंजर्वेटिव चैलेंजर फ्लेवियो बोल्सोनारो को हराकर चौथी बार प्रेसिडेंट का पद जीता।

इलेक्टोरल अथॉरिटी ने उनकी जीत को कन्फर्म किया और लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी इकॉनमी में लेफ्ट-विंग लीडरशिप को आगे बढ़ाया।

ब्राजील किसी का बैकयार्ड नहीं है-लूला

अपने दोबारा चुने जाने के बाद साओ पाउलो में संबोधन के दौरान लूला ने कहा, 'ब्राजील किसी का बैकयार्ड नहीं है।' लूला का यह बयान इस क्षेत्र में US के असर पर एक कटाक्ष के रूप में देखी जा रही है।

लूला ने फ्लेवियो बोल्सोनारो को हराया था, जिन्होंने ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के साथ करीबी रिश्ते बनाने की वकालत की थी। और दावा किया था कि ब्राजील ने उनके जरिए विदेशी दखल को हरा दिया है।

लूला ने कहा, 'हमें डिजिटल प्लेटफॉर्म को रेगुलेट करने की जरूरत है' और कहा कि कैंपेन ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए विदेशी दखल का मुकाबला करने में कामयाबी हासिल की है।

लूला की जीत ट्रंप के लिए झटका

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की लाइव चुनाव कवरेज के अनुसार, 78% से अधिक वोटों की गिनती के बाद लूला 51.21% वोटों के साथ आगे चल रहे थे, जबकि बोल्सोनारो को 48.79% वोट मिले थे।

चुनाव प्राधिकरण द्वारा लूला की जीत की पुष्टि करने से पहले ही पोलस्टर डेटाफोलहा ने उनकी जीत का अनुमान लगा लिया था। इस बीच, फ्लेवियो बोल्सोनारो ने लूला दा सिल्वा के बाद ब्राजील के चुनाव नतीजों को रद करने की मांग की। यह जीत लैटिन अमेरिका में US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के साथियों के लिए एक झटका है।

कौन हैं फ्लेवियो बोल्सोनारो?

फ्लेवियो बोल्सोनारो एक सीनेटर हैं और जेल में बंद पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के बेटे हैं। फ्लेवियो ने वाशिंगटन के साथ रिश्ते मजबूत करने और ट्रंप प्रशासन के साथ बेहतर ट्रेड डील पक्की करने के लिए कैंपेन चलाया था। लूला ने पहले 2003 से 2010 तक ब्राजील पर राज किया था और ब्राजील के एक्सपोर्ट पर US टैरिफ और वॉशिंगटन के ड्रग-ट्रैफिकिंग ग्रुप्स को विदेशी आतंकवादी संगठन बताने की आलोचना की थी।

लूला ने व्यापक जन भागीदारी का आह्वान किया

लूला ने अपने संबोधन में पॉलिटिकल मतभेदों के बावजूद, ब्राजील की कंजर्वेटिव पार्टी की लीडरशिप वाली कांग्रेस के साथ काम करने का वादा किया और कहा कि वह पूरे देश के लिए सरकार चलाएंगे।

लूला ने कहा, 'मैं 215 मिलियन ब्राजलियन लोगों के लिए शासन करूंगा, अब हमारा कोई चुनावी विरोधी नहीं है।'

उन्होंने एक कड़े मुकाबले वाले कैंपेन के बाद सुलह का रास्ता अपनाने की कोशिश की, जिससे राजनीतिक मतभेद और गहरे हो गए।

उन्होंने देश के शासन में बदलाव और पॉलिसी बनाने में जनता की ज्यादा भागीदारी का भी वादा किया।
उन्होंने कहा, 'हम इस देश को चलाने का तरीका बदलेंगे, हम लोगों को फैसले लेने की प्रक्रिया में ज्यादा हिस्सा लेने के लिए तैयार करेंगे।'

लूला ने कहा कि उनके कैंपेन ने वोटर्स को यह यकीन दिलाया है कि ब्राज़ील के डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशन्स को बचाने के लिए चुनाव में हिस्सा लेना जरूरी है।

उन्होंने कहा, 'हम लोगों को यह समझाने में कामयाब रहे कि ब्राजील में लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोटिंग बहुत जरूरी है।'

गरीबी कम करने के रिकॉर्ड को मिला सपोर्ट

यह रनऑफ दो राजनीतिक ताकतों के बीच एक रीमैच था, जिन्होंने हाल के सालों में ब्राजील को बांट दिया है। पिछले राष्ट्रपति चुनाव में लूला ने 1985 में देश में लोकतंत्र की वापसी के बाद से सबसे कम अंतर से जेयर बोल्सोनारो को हराया था।

इस महीने की शुरुआत में पहले राउंड में फ्लेवियो बोल्सोनारो लूला से 2.2 मिलियन से ज्यादा वोटों से आगे थे, जिससे कांटे की टक्कर वाले दूसरे राउंड का माहौल बन गया था।

लूला के सपोर्टर्स ने गरीबी कम करने और पिछड़े समुदायों को सपोर्ट करने के उनके रिकॉर्ड के लिए उनका सपोर्ट किया।

वहीं बोल्सोनारो के सपोर्टर्स ने ज्यादा कीमतों और टैक्स की ओर इशारा किया और लूला के पॉलिटिकल कैंप पर करप्शन का आरोप लगाया।

ट्रंप प्रशासन के संबंधों पर खतरा

कैंपेन के दौरान ब्राजील के प्रति US की पॉलिसी एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरी, जिसमें लूला ने ट्रंप के ट्रेड उपायों और ऑर्गनाइज्ड क्राइम से निपटने के तरीके की आलोचना की।

फ्लेवियो बोल्सोनारो ने व्हाइट हाउस के साथ अपने संबंधों पर जोर दिया और कहा कि ब्राजील को ट्रंप प्रशासन के साथ बेहतर डील की जरूरत है, जिसमें रेयर-अर्थ मिनरल सेक्टर भी शामिल है।

ब्राजील का अनुमान है कि उसके पास 21 मिलियन टन तक रेयर-अर्थ रिसोर्स का भंडार है, जो चीन के बाद दूसरे नंबर पर है।
बोल्सोनारो ने अमेरिकी सरकार से मदद मिलने से इनकार किया।

ट्रंप ने रविवार को कहा था कि वह ब्राजील के चुनाव पर नजर रख रहे हैं, लेकिन उन्होंने किसी भी उम्मीदवार का समर्थन करने से मना कर दिया।

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