काठमांडू, एएनआइ। चिलचिलाती धूप के बीच काफी देर इंतजार करना और जब नंबर आए तो वैक्सीन न मिलना, कुछ ऐसा ही नेपाल में लोगों को झेलना पड़ रहा है। सैकड़ों नेपाली शुक्रवार की सुबह टीकाकरण केंद्रों के बाहर अलग-अलग लाइनों में खड़े देखे गए। देश में COVID-19 की दूसरी लहर आने के बाद से सभी वैक्सीन केंद्रों में लंबी लाइनों के दृश्य आम हो गए हैं। भाग्यशाली लोगों को डोज मिलते हैं जबकि कुछ को टीकों की कमी के कारण बाहर कर दिया जाता है।

सरोज श्रेष्ठ काठमांडू के निवासी, कहते हैं कि वे शुक्रवार को टीकाकरण केंद्र के बाहर लाइन में खड़े हो गए, लेकिन उनका जब नंबर आया तो दिन का कोटा खत्म हो चुका था। इस कारण मुझे बाहर कर दिया गया। श्रेष्ठ ने एएनआइ को बताया, 'उन्होंने मुझे गेट से बाहर कर दिया और मुझे अगले दिन आने को कहा गया, वह भी लगभग सुबह 6 बजे अगर उन्हें अफनी डोज पक्की करनी है तो क्योंकि वे सुबह 8 बजे से दिन के लिए टोकन वितरित करेंगे।'

चीन से 40 लाख डोज हाल ही में मिलने के बावजूद, नेपाल के लोगों को वैक्सीन लेने में अच्छी खासी समस्या हो रही है। बता दें कि भारत से टीके मिलने के बाद नेपाल ने जनवरी में अपना टीकाकरण अभियान शुरू किया था। हालांकि, अब जिस कदर टीका लगवाने के लिए लोगों की लंबी-लंबी लाइन हैं और शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है तो ऐसे में तीसरी लहर से लड़ने की चुनौती सामने खड़ी नजर आ रही है।

बड़े अस्पतालों में लोगों की आमद को कम करने के लिए, सरकार अब स्थानीय स्तर पर भी टीकाकरण अभियान चला रही है, लेकिन स्थानीय निकायों के लिए लाइनों का प्रबंधन करना कठिन हो गया है।

Edited By: Nitin Arora