हांगकांग, रायटर । हांगकांग में बीते तीन महीने से चल रहा विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच यहां की नेता कैरी लैम ने कहा कि उन्होंने विरोध खत्म करने के लिए कभी भी चीन सरकार से अपने इस्तीफे पर चर्चा नहीं की है। दरअसल, पिछले हफ्ते लैम का एक ऑडियो लीक हुआ था। इसमें वह कुछ उद्योगपतियों से बातचीत में कह रही थीं कि प्रत्यर्पण कानून का प्रस्ताव लाने का उनका निर्णय अक्षम्य है और यदि संभव होता तो वह माफी मांगते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देतीं।
लोकतंत्र के समर्थन में आए छात्र 
उधर, इस आंदोलन में छात्र भी शामिल हो गए हैं। गत रविवार को लोकतंत्र के समर्थन में कई सरकारी माध्यमिक स्कूलों के छात्रों ने भी सोमवार को स्कूलों में मानव श्रृंखला बनाई। इनमें से कुछ छात्र गैस मास्क, हेलमेट और चश्मा पहने हुए थे। बता दें कि आंसू गैस और पुलिस के साथ झड़प में ये साजो सामान प्रदर्शनकारियों का बचाव करते हैं और अब ये उनका हथियार बन गए हैं। वहीं विरोध प्रदर्शनों में शामिल हो रहीं महिलाओं ने दुष्कर्म की धमकी मिलने और सोशल मीडिया पर चीनी सोशल मीडिया उपयोक्ताओं की ओर से ट्रोल किए जाने का भी आरोप लगाया है। 
आखिर क्‍या कहा लैम ने 
इस ऑडियो पर स्पष्टीकरण देते हुए लैम ने कहा, ‘मैंने कभी भी अपने इस्तीफे को लेकर चीन सरकार से चर्चा नहीं की है। इस्तीफा देने का फैसला मेरा होगा। चीन सरकार को भी मुझपर भरोसा है कि मैं हांगकांग में चल रहे संकट का हल निकाल सकूंगी।’ उधर चीन ने भी कहा कि उन्हें लैम व उनकी सरकार पर पूरा भरोसा है। हालांकि, यदि ¨हिंसा व प्रदर्शन का सिलसिला इसी तरह चलता रहा तो चीन सरकार हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी रहेगी। एक प्रेस कांफ्रेंस में चीन के हांगकांग व मकाऊ मामलों के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि हम हांगकांग की स्वतंत्रता और ऐसे नेताओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे जो केंद्र सरकार के प्रति वफादार नहीं हैं।
तीन महीने से चल रहा है प्रदर्शन
बता दें कि संदिग्धों व अपराधियों को मुकदमे के लिए चीन में प्रत्यर्पित किए जाने संबंधी प्रस्तावित कानून को लेकर हांगकांग में करीब तीन महीने पहले विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था। यहां के लोग इस कानून को हांगकांग की स्वायत्ता पर खतरा मानते हैं। अब इस प्रदर्शन ने लोकतांत्रिक आंदोलन का रूप ले लिया है। लोकतंत्र समर्थक कानून की वापसी के साथ ही लैम के इस्तीफे, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई व लोकतांत्रिक सुधार आदि की मांग कर रहे हैं। बीच-बीच में कई बार प्रदर्शन ¨हसक भी हुआ। रविवार को प्रदर्शनकारियों ने सड़कों के साथ ही सार्वजनिक वाहनों को भी रोक दिया था। वहीं, कई जगह बैरिकेड जलाने के साथ ही पेट्रोल बम भी फेंके गए। चीन का आरोप है कि अमेरिका व ब्रिटेन जैसे देश इन प्रदर्शनों को भड़का रहे हैं। 

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Posted By: Ramesh Mishra

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