कुवैत सिटी, एपी। कुवैत की सरकार ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। प्रधानमंत्री शेख जबर अल मुबारक अल सबह ने औपचारिक रूप से कैबिनेट का इस्तीफा देश के शासक अमीर शेख सबह अल अहमद अल सबह को सौंपा। देश में अगले साल की शुरुआत में संसदीय चुनाव हो सकते हैं।

देश में मंत्रियों के काम की आलोचना की जा रही थी और उनके बीच भी काफी मतभेद थे। वित्त मंत्री नायेफ अल हजरफ ने पिछले महीने ऋण पर ब्याज को लेकर इस्लामिक कानून के उल्लंघन के आरोप के बाद संसद में होने वाले सवालों से बचने के लिए इस्तीफा दे दिया था।

स्वतंत्र सांसद सालेह अशोर ने बताया कि इन आलोचनाओं और मंत्रियों के बीच विवाद के बीच इस्तीफे की झड़ी लग गई है। संसद के अध्यक्ष मरजोक अल घानेम ने कहा कि सांसदों का एक बड़ा तबका मानता है कि सरकार की टीम के बीच समस्या है क्योंकि उनमें समानता नहीं है।

इससे पहले देश की लोक निर्माण मंत्री जेनन रमादान ने संसद की पूछताछ के बाद इस्तीफा दे दिया था। वे आवास राज्यमंत्री का कार्यभार भी संभाल रही थीं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक दस सांसदों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। सांसदों ने रमादान पर 2018 में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद आधारभूत ढांचों और सड़कों को ठीक करने में विफल रहने का आरोप लगाया था।

जवाब में रमादान ने कहा कि काफी वक्त से उनके मंत्रालय में समस्या चल रही है, लेकिन उन्हें ऐसे मामलों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है जो उनके कार्यकाल से पहले हुए हैं। इन सांसदों ने उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शेख खालिद अल जर्राह अल सबह से भी पूछताछ की मांग की है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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