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केन्या स्टार्नेशन कल्ट: स्वर्ग का सपना दिखाकर 190 बच्चों को मारा भूखा, पाखंडी पादरी दोषी करार; 400 से ज्यादा शव मिले

Published: Wed, 21 Oct 2026 02:45 PM (IST)

केन्या की एक अदालत ने पादरी पॉल मैकेंजी और उसके 28 साथियों को अंधविश्वास के नाम पर सैकड़ों लोगों को भूखा मारकर हत्या करने का दोषी ठहराया है।

केन्या में स्वर्ग का सपना दिखाकर पाखंडी पादरी ने 190 बच्चों को मारा भूखा(फोटो: सोशल मीडिया)

केन्या में स्वर्ग का सपना दिखाकर पाखंडी पादरी ने 190 बच्चों को मारा भूखा(फोटो: सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, नैरोबी। केन्या की अदालत ने अंधविश्वास और भुखमरी के जरिए सैकड़ों लोगों की जान लेने वाले स्वयंभू पादरी पॉल मैकेंजी और उसके 28 साथियों को हत्या का दोषी ठहराया है।

मोम्बासा अदालत में आए इस फैसले में 190 बच्चों और एक वयस्क की मौत के मामले की सुनवाई हुई। आरोपी ने अपने अनुयायियों को झांसा दिया था कि कयामत आने से पहले भूखे रहकर प्राण त्यागने से उन्हें सीधे स्वर्ग और मोक्ष की प्राप्ति होगी।

शाकाहोला जंगल से मिलीं सामूहिक कब्रें

यह खौफनाक मामला साल 2023 में तब सामने आया, जब एक स्थानीय नागरिक ने शाकाहोला जंगल में बच्चों की मौत की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद चलाए गए तलाशी और खुदाई अभियान में सामूहिक कब्रों से अब तक 400 से अधिक शव निकाले जा चुके हैं।

जांच और अदालती कार्यवाही में यह खुलासा हुआ कि बच्चों को परिजनों के सामने ही अलग रखकर भूखा रहने के लिए मजबूर किया गया, जिसके चलते तड़प-तड़पकर उनकी जान चली गई।

तीन चरणों में तैयार की गई थी भुखमरी की साजिश

जांच अधिकारियों के अनुसार, कल्ट के तहत लोगों को भूखा मारने की योजना बेहद सोचे-समझे तरीके से तीन चरणों में बनाई गई थी। पहले चरण में मासूम बच्चों को शिकार बनाया गया, जिसके बाद दूसरे चरण में महिलाओं और युवकों को भूखा रखा गया, और अंत में पुरुषों को निशाना बनाने की तैयारी थी।

इसके अलावा, मैकेंजी ने अनुयायियों के बच्चों को स्कूल भेजने पर रोक लगा रखी थी और किसी के बीमार पड़ने पर इलाज कराने की भी मनाही थी।

चेतावनी के बावजूद बेपरवाह रहा प्रशासन

मैकेंजी की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को काफी पहले से थी। पुलिस ने 2017 में उसके ठिकाने पर छापेमारी की थी और 2019 में उसका चर्च भी बंद करवा दिया गया था। इसके बावजूद वह कानून की पहुंच से बचकर शाकाहोला के घने जंगलों में जा बसा और वहां बिना रोक-टोक अपना खौफनाक नेटवर्क चलाता रहा।

अदालत ने मैकेंजी की सभी दलीलों को खारिज करते हुए उसे और उसके 28 साथियों को दोषी करार दिया है, जबकि बचाव पक्ष ने फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने की बात कही है।

दोषियों को सजा 6 नवंबर को सुनाई जाएगी। इसके अलावा, मैकेंजी के खिलाफ 52 अन्य लोगों की हत्या से जुड़ा एक और मामला अदालत में विचाराधीन है, जिसमें उसने खुद को बेकसूर बताया है।

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