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Black Sea में Kairos और Virat तेल टैंकर जहाजों में लगी आग, हमले की आशंका; सुरक्षित निकाले गए क्रू मेंबर

Published: Sat, 29 Nov 2025 03:36 PM (GMT+05:30)

ब्लैक सी में दो तेल टैंकरों, कैरोस और विराट, में धमाके और आग लगने से हड़कंप मच गया। तुर्की अधिकारियों ...और पढ़ें

Black Sea में Kairos और Virat तेल टैंकर जहाजों में लगी आग (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)

Black Sea में Kairos और Virat तेल टैंकर जहाजों में लगी आग (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)

HighLights

  1. ब्लैक सी में तेल टैंकरों में आग

  2. हमले की आशंका, क्रू सदस्य सुरक्षित

  3. रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद माइन का खतरा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्लैक सी में शुक्रवार को दो तेल टैंकरों पर अचानक धमाके और आग लगने से हड़कंप मच गया। तुर्की अधिकारियों का कहना है कि इन टैंकरों को किसी बाहरी उपकरणजैसे माइन, रॉकेट या ड्रोनसे निशाना बनाया गया हो सकता है। सबसे राहत की बात यह रही कि दोनों जहाजों के सभी क्रू सदस्य सुरक्षित निकाल लिए गए।

तुर्की के समुद्री मामलों के निदेशालय ने बताया कि Kairos नाम का तेल टैंकर, जो खाली था और रूस के नोवोरोसिस्क पोर्ट जा रहा था, तुर्की तट से 28 नौटिकल मील दूर आग की चपेट में आ गया। सभी 25 क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। जहाज के आगे वाले हिस्से से आग और काला धुआं उठता देखा गया। अधिकारियों के मुताबिक किसी तरह का समुद्री प्रदूषण नहीं हुआ है।

किस चीज ने जहाजों को मारी टक्कर?

करीब शाम 6 बजे तुर्की के कोकाएली प्रांत के केफकेन क्षेत्र के पास Kairos में आग लगी। इस घटना के तुरंत बाद दूसरे तेल टैंकर विराटने भी बताया कि उसे भी करीब 35 नौटिकल मील दूर किसी चीज ने टक्कर मारी। विराट के 20 क्रू मेंबर भी सुरक्षित हैं और जहाज के इंजन रूम में घना धुआं देखा गया। दोनों टैंकर गाम्बिया के झंडे के तहत चलते हैं।

तुर्की के परिवहन मंत्री अब्दुलकादिर उरालोग्लू ने कहा कि बाहरी कारण का मतलब है कि जहाज पर किसी माइन, रॉकेट, ड्रोन या पानी के नीचे चलने वाले डिवाइस ने हमला किया हो सकता है। उन्होंने बताया कि Kairos के सभी 25 क्रू सुरक्षित उतारे जा चुके हैं और बचाव दल विराटतक भी पहुंच चुका है। कहीं भी समुद्री प्रदूषण नहीं मिला है, लेकिन आग की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

ब्लैक सी में मिली कई माइन

रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद ब्लैक सी में कई नौसैनिक माइन बहती हुई मिली हैं, जिन्हें बाद में नष्ट किया गया है। दोनों देशों ने तटों की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में माइन बिछाई थीं, जो तूफानों के दौरान बहकर दूर जा पहुंचीं। इसी खतरे को देखते हुए 2024 में NATO देशों तुर्की, बुल्गारिया और रोमानिया ने मिलकर एक Mine Countermeasures Group बनाया था।

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