'भारत-जमैका संबंधों में क्रिकेट की अहम भूमिका', जयशंकर ने सबीना पार्क में इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड का किया अनावरण
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जमैका के सबीना पार्क में इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड का अनावरण किया। उन्होंने भारत और जमैका के संबंधों में क्रिकेट की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

जयशंकर ने सबीना पार्क का किया दौरा। (X- @DrSJaishankar)
HighLights
जयशंकर ने सबीना पार्क में इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड का अनावरण किया।
भारत-जमैका संबंधों में क्रिकेट को महत्वपूर्ण सेतु बताया।
भारतीय मूल के लोग दोनों देशों को जोड़ते हैं।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत और जमैका के संबंधों में क्रिकेट की अहम भूमिका का जिक्र किया और कहा कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट सेतु का काम करता है। उन्होंने भारत की तरफ से इस कैरेबियाई देश को उपहार में दिए गए इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड के अनावरण के मौके पर यह बात कही।
जयशंकर ने रविवार को यहां ऐतिहासिक क्रिकेट मैदान सबीना पार्क में इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड के अनावरण कार्यक्रम में कहा कि क्रिकेट भारत और जमैका के बीच संबंधों को प्रगाढ़ करता है और भारत में एक अरब से ज्यादा लोग इस खेल को पूरे जुनून के साथ देखते हैं।
उन्होंने कहा, ''खेल साझा अनुभव और आपसी सम्मान को बढ़ावा देकर देशों को करीब लाते हैं। जहां तक भारत और जमैका की बात है तो क्रिकेट का इसमें खास महत्व है।'' इस मौके पर जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होल्नेस भी मौजूद रहे।
जयशंकर ने कहा कि इस मैदान से भारतीय क्रिकेट की खास यादें जुड़ी हैं, जिसमें दिग्गज क्रिकेटर राहुल द्रविड़ का शतक और 2011 में विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण शामिल है।
उन्होंने जमैका की समृद्ध क्रिकेट विरासत का भी जिक्र किया और कहा कि जार्ज हेडली, माइकल होल्डिंग, कर्टनी वॉल्श, क्रिस गेस और एंड्यू रिचर्डसन जैसे महान खिलाड़ियों के इस देश को विश्व स्तर पर अपार सम्मान प्राप्त है। जयशंकर जमैका, सूरीनाम व त्रिनिदाद और टोबैगो की अपनी नौ दिवसीय यात्रा के तहत शनिवार शाम किंगस्टन पहुंचे।
वहां भी गए, जहां भारतीयों के पड़े पहले कदम
जमैकन ग्लीनर अखबार में रविवार को प्रकाशित एक लेख में जयशंकर ने कहा कि भारत और जमैका के बीच संबंध निरंतरता व बदलाव से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा, ''आज लगभग 70 हजार भारतीय मूल के लोगों का एक समुदाय दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु का काम करता है।'' जयंशकर ने ओल्ड हार्बर का दौरा किया, जहां 180 वर्ष पूर्व पहले भारतीय जमैका पहुंचे थे।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
