वाशिंगटन, न्यूयॉर्क टाइम्स। शुक्रवार को वायरल हो रहे एक दावे में कहा गया था कि पेंसिलवेनिया की मतदाता सूची में 21 हजार मृत लोगों के नाम शामिल थे। इतना ही नहीं इस तरह की भी अफवाहें थीं कि इन लोगों के वोट डेमोक्रेट प्रत्याशी जो बाइडन के पक्ष में गए थे। हालांकि न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा की गई पड़ताल में यह दावा सच साबित नहीं हुआ।

दरअसल, यह अफवाह पूर्व में दायर एक याचिका के चलते फैली। याचिका में आरोप लगाया था कि पेंसिलवेनिया की सीक्रेटरी ऑफ स्टेट ने धांधली करते हुए 21,206 लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए हैं। याचिका में कोर्ट से ऐसे लोगों को मतदान करने से रोकने का आग्रह किया गया था। हालांकि जज ने इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया था।

21 हजार मृत लोगों के जो बाइडन के पक्ष में वोट डालने की बात सामने आने के बाद दक्षिणपंथी विचारों से प्रभावित ब्रेइटबार्ट न्यूज ने इसके बारे में एक लेख लिखा था। जिसके बाद अन्य लोगों ने इसे सुबूत के तौर पर पेश करते हुए आरोप लगाया था कि डेमोक्रेट चुनाव चोरी करने की कोशिश कर रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निजी वकील रूडी गुलियानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर लेख शेयर किया। इसे 4,800 लाइक्स के साथ कई बार शेयर भी किया गया। फेसबुक पर भी इसे पोस्ट किया गया। न्यूयॉर्क टाइम्स के एक विश्लेषण के अनुसार यह अफवाह फेसबुक के माध्यम से 1.13 करोड़ लोगों तक पहुंची।

अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहे जो बाइडन

वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडन और सीनेटर कमला हैरिस ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों सार्वजनिक स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्थ पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है। ताजा अनुमानों के अनुसार, बाइडन को 538 इलेक्टोरल कॉलेज के 264 वोट मिले हैं। उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित घोषित किए जाने के लिए 270 के जादुई आंकड़े तक पहुंचे के लिए केवल 6 इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की आवश्यकता है।

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