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शांति के नोबेल की दौड़ में अंतरिक्ष भी, 287 उम्मीदवारों में ट्रंप और ISS का नाम शामिल

Published: Fri, 02 Oct 2026 07:40 PM (IST)

इस साल शांति के नोबेल पुरस्कार की संभावित सूची में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) को अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मिसाल के तौर पर शामिल किया गया है।

शांति नोबेल पुरस्कार की दौड़ में आईएसएस (फोटो- नासा)

शांति नोबेल पुरस्कार की दौड़ में आईएसएस (फोटो- नासा)

HighLights

  1. अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन शांति नोबेल पुरस्कार के संभावित दावेदारों में।

  2. कुल 287 उम्मीदवारों में ट्रंप और कार्नी जैसे प्रमुख नाम।

  3. आईएसएस को अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अनोखी मिसाल माना जा रहा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। धरती पर देश आपस में उलझ रहे हैं, लेकिन अंतरिक्ष में दुनिया के कई देश मिलकर काम कर रहे हैं। शायद यही वजह है कि इस बार शांति के नोबेल पुरस्कार की संभावित सूची में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) की चर्चा ने सबका ध्यान खींचा है।

आईएसएस को अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अनोखी मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की घोषणा नौ अक्टूबर को ओस्लो में होगी।

287 उम्मीदवारों के नाम

शांति के नोबेल के लिए इस साल 287 उम्मीदवारों के नाम मिले हैं। इनमें करीब एक-चौथाई से कुछ अधिक संगठन हैं। संभावित नामों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, सूडान की इमरजेंसी टीमें, यूक्रेन में बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले लोग और दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अदालतें शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मिसाल आइएसएसपीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ओस्लो के निदेशक हाकोन जेरलो संभावित दावेदारों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों में शामिल हैं। उनके मुताबिक आइएसएस, या उसे संचालित करने वाला अंतरराष्ट्रीय सहयोग, अंतरिक्ष की खोज में देशों के मिलकर काम करने का असाधारण उदाहरण है।

खासकर ऐसे समय में जब दुनिया के कई हिस्सों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग कमजोर पड़ रहा है और देश अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

दौड़ में ट्रंप का भी नाम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का नाम भी इस दौड़ में है। ट्रंप पहले भी सार्वजनिक रूप से नोबेल शांति पुरस्कार पाने की इच्छा जता चुके हैं। हालांकि, ईरान और इजरायल से जुड़े उनके रुख और नीतियों को लेकर उनके नाम पर विवाद की संभावना भी जताई जा रही है।

कार्नी, यूक्रेन और सूडान से जुड़े नामजेरलो की संभावित सूची में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, यूक्रेन में बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले मायकोला कुलेबा, सेव द चिल्ड्रेन, सूडान के इमरजेंसी रिस्पांस रूम्स और कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स शामिल हैं। इंटरनेशनल कोर्ट आफ जस्टिस और इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट को भी संयुक्त संभावित दावेदार के तौर पर देखा गया है।

1997 में इंटरनेशनल कैंपेन टू बैन लैंडमाइन्स के साथ नोबेल शांति पुरस्कार पाने वाली जोडी विलियम्स को इस बार भी महिलाओं की भूमिका पर उम्मीद है। 125 साल के इतिहास में पुरस्कार पाने वाले 112 लोगों में सिर्फ 20 महिलाएं रही हैं।

पिछले 15 वर्षों में आठ महिलाओं ने अकेले यह पुरस्कार जीता है, जबकि पुरुषों की संख्या छह रही।इस साल प्रेडिक्शन मार्केट में जिन महिला नामों की चर्चा है, उनमें गाजा की सर्जन सारा अल-सक्का और रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की पत्नी यूलिया नवलनाया शामिल हैं।

सोमवार से शुरू होंगी नोबेल घोषणाएं

नोबेल पुरस्कारों की घोषणा सोमवार को चिकित्सा के पुरस्कार से शुरू होगी। इसके बाद भौतिकी, रसायन और साहित्य के पुरस्कारों की घोषणा होगी। शांति के नोबेल का एलान शुक्रवार को किया जाएगा। अर्थशास्त्र के पुरस्कार की घोषणा 12 अक्टूबर को होगी। विजेता को पुरस्कार के तहत 12 लाख डालर (1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनोर) की राशि दी जाएगी। (समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ)