बगदाद [ एजेंसी ] । उत्‍तरी इराक में इस्‍लामिक स्‍टेट (आइएस) ने शिया मिलिशिया संगठन की बस पर हमला किया है। इस हमले में छह मिलिशियन मारे गए और 31 घायल हो गए।

इराक के अधिकारी ने 'द एसोसिएटेड प्रेस' को बताया कि बुधवार की रात उत्‍तरी शहर मोसुल के दक्षिण में मखमौर शहर के पास आइएस कार्यकर्ताओं ने घात लगाकर हमला किया। अधिकारी का कहना है कि यह बस मोसुल से किरकुक के रास्‍ते में थी तभी घात लगाए आइएस कार्यकर्ताओं ने हमला बोल दिया। इसमें छह शिया मुस्लिम मारे गए।

इस्‍लामिक स्‍टेट ऑफ़ ईराक़ एक इस्‍लामिक संगठन है। इसका मकसद इराक के सुन्‍नी बहुमत वाले क्षेत्रों में एक इस्‍लामिक राज्‍य की स्‍थ्‍ाापना करना है। इसकी स्‍थापना 15 अक्‍टूबर, 2006 को इराक के कुछ विद्रोही संगठनों के विलय के साथ हुई। इब्राहिम अव्‍व्‍द अल बद्री इसका मुखिया है। शुरू में अल कायादा ने इसका हर तरह से सहयोग और समर्थन किया बाद में वह इस संगठन से अलग हो गया। यह अल कायदा से भी अधिक मजबूत और क्रूर संगठन के ताौ पर जाना जाता है।

आईएसआईएस नाम से इस संगठन का गठन अप्रैल 2013 में हुआ। यह दुनिया का सबसे अमीर आतंकी संगठन है जिसका बजट 2 अरब डॉलर का है। 29 जून, 2014 को इसने अपने मुखिया को विश्व के सभी मुसलमानों का खलीफा घोषित किया है। विश्व के अधिकांश मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों को सीधे अपने राजनीतिक नियंत्रण में लेना इसका घोषित लक्ष्य है।

Posted By: Ramesh Mishra

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