सोमालिया में अल-कायदा से जुड़े अल-शबाब ग्रुप ने 20 जवान किए ढेर, 75 आतंकी भी मारे गए
सोमालिया में अल-कायदा से जुड़े अल-शबाब चरमपंथियों ने घात लगाकर हमला किया, जिसमें कम से कम 20 सैनिक मारे गए। ...और पढ़ें
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हमले की प्रतिकात्मक तस्वीर।
HighLights
अल-शबाब ने सोमालियाई सैनिकों पर घात लगाकर हमला किया।
हमले में कम से कम 20 सैनिक मारे गए।
रक्षा मंत्रालय ने 75 आतंकवादियों को मारने का दावा किया।
डिजिटल डेस्क, मोगादिशु। इस्लामी चरमपंथी लड़ाकों ने हमले में सोमालिया के कम से कम 20 सैनिकों को मार डाला। ये हमला चरमपंथी लड़ाकों ने घात लगाकर किया है। हमले में बचे एक सैन्य अधिकारी ने यह जानकारी दी।
सरकार ने सैन्य वाहनों को नुकसान पहुंचने की बात तो स्वीकार की लेकिन सैनिकों के हताहत होने के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी। अल-कायदा से जुड़े अल-शबाब समूह ने दक्षिणी सोमालिया के जामीका गांव के पास सोमवार को हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। ये समूह लगभग दो दशकों से सोमालिया की सरकार के खिलाफ लड़ रहा है।
75 आंतकियों को मारने का दावा
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कई घंटों तक चली लड़ाई में उनके सैनिकों ने लगभग 75 आतंकवादियों को मार गिराया और 56 को घायल कर दिया। वहीं, अल-शबाब ने दावा किया कि उसने कुल 321 सैनिकों को मार डाला है और कुछ सैनिकों को बंदी बनाने के साथ-साथ सैन्य उपकरण भी जब्त किए हैं। हताहतों की संख्या और पकड़े गए सैनिकों एवं उपकरणों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
20 सैनिकों के दिखे शव
काफिले के साथ जा रहे एक सैन्य अधिकारी, अब्शीर अब्दीकरीम ने मंगलवार देर रात फोन पर 'द एसोसिएटेड प्रेस' को बताया कि हमले के बाद उन्होंने अपने कम से कम 20 साथी सैनिकों के शव देखे। उन्होंने बताया कि सैनिक लीगो से आगे बढ़कर बे क्षेत्र के बुरहाकाबा जिले में जामीका पहुंचे, जहां उनकी आतंकवादियों के साथ भारी गोलीबारी हुई।
उन्होंने कहा कि पहले लापता बताए गए कुछ सैनिक मंगलवार को बालेडोगले पहुंच गए, जबकि बाकी सैनिकों का अभी भी कोई पता नहीं है।
सेना पर घात लगा कर किया हमला
अल-शबाब ने कहा कि उसके लड़ाकों ने उस इलाके में सेना के काफिले पर घात लगाकर हमला किया, जो उनके नियंत्रण में है। मंत्रालय के अनुसार, उग्रवादियों ने सेना के वाहनों पर हमला करने के लिए विस्फोटकों से लदे वाहनों का इस्तेमाल किया, जिससे सेना के कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि कितने वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं, और न ही सैनिकों को बंधक बनाए जाने के दावों पर कोई टिप्पणी की।
अफ्रीकी संघ की सेनाओं ने 2011 में अल-शबाब को मोगादिशु से खदेड़ दिया था, लेकिन इस समूह ने गुरिल्ला युद्ध, आत्मघाती हमलों और लक्षित हत्याओं के जरिए खुद को फिर से सक्रिय कर लिया।
