'भारत की पूर्वी सीमा पर हमले की नापाक साजिश', बांग्लादेशी आतंकी संगठनों का गुट बना रही ISI, खुफिया एजेंसी अलर्ट
भारतीय सीमा पर सुरक्षा बलों की पैनी नजर के कारण आइएसआइ अब भारत की पूर्वी सीमा पर अपनी नापाक गतिविधियां ...और पढ़ें

भारतीय सीमा पर हमले की कोशिश, खुफिया एजेंसी अलर्ट
HighLights
आइएसआइ भारत की पूर्वी सीमा पर गतिविधियां तेज कर रहा है।
बांग्लादेशी आतंकी संगठनों JMB, ABT, नियो-JMB को एकजुट करने की कोशिश।
इनके विलय से भारत की पूर्वी सीमा सुरक्षा को गंभीर चुनौती।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय सीमा पर सुरक्षा बलों की पैनी नजर और पश्चिमी मोर्चे पर बढ़ती कठिनाइयों के चलते, पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आइएसआइ अब भारत की पूर्वी सीमा पर अपनी नापाक गतिविधियां तेज करने की कोशिश कर रही है।
बांग्लादेश में पनपे कई आतंकी संगठनों को आइएसआइ लंबे समय से पालती-पोसती आ रही है, जिनका मुख्य उद्देश्य बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों को दहलाना है। आइएसआइ मुख्य रूप से तीन बांग्लादेशी आतंकी संगठनों - जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी), अंसारुल्ला बांग्ला टीम (एबीटी) और नियो-जेएमबी - पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है।
हालांकि इन तीनों संगठनों की विचारधारा एक ही है - भारत को लहूलुहान करना। लेकिन, अलग-अलग काम करने और आपसी मतभेदों के कारण ये बड़े पैमाने पर भारत में हमलों को अंजाम देने में अब तक नाकाम रहे हैं। आइएसआइ अब जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा की तर्ज पर इन्हें एकजुट करने की जुगत में है।
इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया, 'इन संगठनों के बीच कार्यक्षेत्र को लेकर अक्सर टकराव और भ्रम की स्थिति बनी रहती है, जिससे इनकी आपरेशनल क्षमता प्रभावित होती है।' पिछले साल 'आपरेशन सिंदूर' के बाद जिस प्रकार पाकिस्तान ने गुलाम जम्मू-कश्मीर में लश्कर, जैश और हिजबुल मुजाहिदीन को एक मंच पर लाकर तालमेल बिठाया था, वैसी ही रणनीति अब बांग्लादेश में अपनाई जा रही है।
आइएसआइ इसके लिए 2019 के उस प्रस्ताव को फिर से टटोल रही है, जिसमें जेएमबी के तथाकथित सरगना सालेहउद्दीन सालेह ने इन तीनों गुटों के विलय की बात कही थी। हालांकि, नियो-जेएमबी और पुराने जेएमबी के बीच वैचारिक मतभेदों और नेतृत्व के झगड़ों के कारण राह आसान नहीं है।
नियो-जेएमबी का झुकाव इस्लामिक स्टेट (आइसिस) की ओर है, जबकि अन्य अल-कायदा से जुड़े रहे हैं। अब खुद आइएसआइ इस दरार को भरने और सभी गुटों को एकछत्र के नीचे लाने की कमान सीधे संभाल रही है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है। यदि आइएसआइ इन आतंकी संगठनों का विलय कराने में सफल होती है, तो भारत की पूर्वी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाएगी।
सोर्स- न्यूज एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार
