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'हमारे विमान नहीं उड़े तो क्षेत्र में किसी के नहीं उड़ेंगे', अमेरिका के नए प्रतिबंधों के बाद घिरे ईरान की धमकी

Published: Fri, 25 Sep 2026 11:47 PM (IST)

ईरान ने अमेरिका के नए प्रतिबंधों के समर्थन में यूएई और ओमान द्वारा यात्री विमान सेवाओं में कटौती पर कड़ी ...और पढ़ें

अमेरिका के प्रतिबंधों पर ईरान की चेतावनी (FIle Photo Source- alexsl)

अमेरिका के प्रतिबंधों पर ईरान की चेतावनी (FIle Photo Source- alexsl)

HighLights

  1. ईरान ने प्रतिबंधों पर पड़ोसी देशों को कड़ी चेतावनी दी।

  2. कहा, ईरानी विमान नहीं उड़ेंगे तो क्षेत्र में कोई नहीं उड़ेगा।

  3. प्रतिबंध हटने पर होर्मुज स्ट्रेट खोलने और वार्ता की पेशकश।

डिजिटल डेस्क, काहिरा। ईरान पर अमेरिका के नए प्रतिबंधों के समर्थन में यूएई और ओमान ने ईरान से आने-जाने वाली यात्री विमान सेवाओं में कटौती की है। इस पर ईरान ने अपने खिलाफ उठाए जाने वाले कदमों का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।

ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मुहम्मद मोखबेर ने पड़ोसी देशों पर अमेरिकी साजिश में शामिल हो जाने का आरोप लगाया है। कहा है कि अगर ईरानी विमानों को उड़ान भरने और हवाई अड्डों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं मिलेगी तो क्षेत्र के अन्य देशों के विमान भी नहीं उड़ पाएंगे।

इस बीच ईरान ने कहा है कि यदि अमेरिका उस पर लगे सभी तरह के प्रतिबंध हटा ले तो होर्मुज स्ट्रेट खोला जा सकता है और परमाणु मसले पर वार्ता हो सकती है।

अमेरिका ने विश्व की उन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की शुरुआत की है जो ईरान के साथ व्यापार करती हैं। इसके चलते यूएई और ओमान ने ईरान के यात्री विमानों को देश में आने से रोक दिया है।

इराक ने भी ईरान से होने वाले हवाई यातायात पर रोक लगाने की घोषणा की है। अगर पड़ोसी देशों की ईरानी विमान सेवाओं पर रोक जारी रहती है तो यह ईरान के लिए आर्थिक संकट की एक और वजह होगी। अमेरिका ने उसके बंदरगाहों से जहाजों के आवागमन पर पहले ही रोक लगा रखी है।

इस सबसे ईरान के अलग-थलग पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन में हाल ही में दिए भाषण में अमेरिका के इसी उद्देश्य की घोषणा की थी।

यमन के हूती लड़ाकों के सऊदी अरब पर हमलों पर विचार के लिए सऊदी सेना प्रमुख के साथ पाकिस्तान और तुर्किये के सेना प्रमुखों की बैठक का कार्यक्रम है। बैठक में मक्का सुरक्षा समझौते के तहत हूती लड़ाकों का मिलकर जवाब देने पर चर्चा हो सकती है।

इस बैठक के लिए तुर्किये के सेना प्रमुख सेलकुक बेराक्तारोग्लू रियाद पहुंच गए हैं। इस बीच सऊदी अरब के सर्वोच्च मुफ्ती ने सेना से मरने-मारने के लिए तैयार होने का आह्वान किया है। ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब समर्थित यमन की सरकारी सेना के खिलाफ लड़ाई छेड़ रखी है और कई अहम ठिकानों को उससे छीन लिया है।

साथ ही सऊदी अरब के हमलों के जवाब सऊदी राजधानी रियाद, अन्य शहरों और तेल संयंत्रों पर हमले किए हैं।

मक्का समझौते में खुफिया और हथियारों की मदद का प्रविधान - एर्दोगन


सऊदी अरब पर हूती के हमलों के बीच तुर्किये के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन ने कहा है कि मक्का सुरक्षा समझौते में शामिल किसी देश पर यदि हमला होता है तो बाकी के दो देश हमले के शिकार सहयोगी देश को खुफिया, हथियारों और परिवहन सुविधाओं में सहायता देंगे।

अगर सहयोगी देश के लिए खतरा बढ़ता है तो इस सहयोग का दायरा बढ़ाने पर विचार हो सकता है। एर्दोगन ने यह बात न्यूजवीक पत्रिका के पूछे प्रश्न के लिखित उत्तर में कही है। उल्लेखनीय है कि मक्का समझौते में सऊदी अरब के साथ तुर्किये और पाकिस्तान शामिल हैं।