ईरान का दावा- हमने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ा, ट्रंप प्रशासन ने बताया 'झूठ खेल'
ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारिजानी ने दावा किया है कि उनके देश ने कई अमेरिकी सैनिकों ...और पढ़ें

HighLights
ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को बंदी बनाने का दावा किया।
अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के दावे को झूठा प्रचार बताया।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख Ali Larijani ने दावा किया है कि उनके देश ने कई अमेरिकी सैनिकों को बंदी बना लिया है। हालांकि Donald Trump प्रशासन ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है और इसे ईरान का झूठा प्रचार बताया है।
लारिजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शनिवार को पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कई अमेरिकी सैनिकों को कैद कर लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका इन सैनिकों के पकड़े जाने की बात छिपा रहा है और कह रहा है कि वे युद्ध में मारे गए।
अमेरिका ने किया तुरंत खंडन
अमेरिकी सेना ने इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया। अमेरिकी नौसेना के कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि ईरानी शासन झूठ फैलाने और लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।
वहीं United States Central Command (CENTCOM) के एक प्रवक्ता ने भी कहा कि अमेरिकी सैनिकों को पकड़े जाने का दावा पूरी तरह गलत है और यह ईरान की भ्रामक रणनीति का हिस्सा है।
युद्ध में अब तक 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत
रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और Israel द्वारा संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद से कम से कम छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। इस अभियान को ट्रंप प्रशासन ने Operation Epic Fury नाम दिया है।
