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बहरीन में अमेरिकी नौसेना बेस पर ईरान का भीषण हमला, US अधिकारी ने माना- पूरे बेस को तबाह कर दिया

Published: Fri, 11 Sep 2026 08:29 AM (IST)

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष में बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के मुख्य मिलिट्री बेस को भारी नुकसान पहुंचा है।

ईरान का बहरीन पर हमला (सांकेतिक तस्वीर)

ईरान का बहरीन पर हमला (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. ईरानी हमलों से बहरीन में अमेरिकी नौसेना के मुख्य बेस को भारी नुकसान।

  2. अमेरिकी नौसेना बेस की मरम्मत और सैनिकों की वापसी पर कर रही विचार।

  3. जॉर्डन के एयरबेस पर भी हुए हमले, अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचा।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बीते पांच महीनों से ज्यादा से जारी संघर्ष दिन प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। ऐसे में अब इस पूरे संघर्ष को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है।

द हिल की एक रिपोर्ट की माने तो ईरानी हमलों की वजह से बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के मुख्य मिलिट्री बेस को भारी नुकसान पहुंचा है। अब जब ये हमला हो गया, तब अमेरिकी नौसेना अब इस बात का आकलन कर रही है कि इस बेस का आगे क्या किया जाए।

ईरान ने बहरीन में मचाई तबाही

द एपोच टाइम्स को दिए गए एक इंटरव्यू में वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी काओ ने इस बात को माना। उन्होंने हमले की भीषणता को स्वीकार करते हुए कहा कि ईरान ने बहरीन में तबाही मचा दी। यह हमला 'नेवल सपोर्ट एक्टिविटी बहरीन' (NASB) बेस पर हुआ, जो अमेरिकी नौसेना की सेंट्रल कमांड और यूएस फिफ्थ फ्लीट का मुख्य मुख्यालय है।

गौर करने वाली बात यह है कि जब से अमेरिका और इजराइल ने फरवरी के आखिरी में ईरान पर हवाई हमले किए हैं, तब से यह बेस लगातार ईरान के निशाने पर रहा है। यह बेस पश्चिम एशिया में अमेरिकी नौसेना के ऑपरेशंस के लिए एक मुख्य लॉजिस्टिक्स हब के रूप में काम करता है।

बेस पर वापसी को लेकर क्या हैं संभावनाएं

इस भारी तबाही के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि अमेरिकी सैनिक इस बेस पर कब तक वापस लौट सकेंगे। पिछले महीने, यानी 31 अगस्त को एक टाउन हॉल के दौरान चीफ ऑफ नवल ऑपरेशंस एडमिरल डेरिल कॉडल ने साफ कर दिया था कि सैनिक फिलहाल वहां वापस नहीं लौटने वाले हैं, यहां तक कि वे अपना निजी सामान निकालने के लिए भी अभी वहां नहीं जा सकते।

उन्होंने कहा था कि हम जल्दबाजी में वहां वापस नहीं जा रहे हैं, मैं इस बारे में पूरी तरह से स्पष्ट और ईमानदार रहना चाहता हूं। नौसेना अब यह जांच कर रही है कि क्या इस बेस की मरम्मत की जानी चाहिए या नहीं।

जॉर्डन और अन्य जगहों पर भी हमले

बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच यह संघर्ष सिर्फ बहरीन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकाने इसकी चपेट में आ चुके हैं। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान द्वारा जॉर्डन के मुवफ्फक साल्टी एयर बेस पर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमले में अमेरिका के कई विमानों को नुकसान पहुंचा है।

एक A-10 थंडरबोल्ट विमान का एक पंख गायब हो गया, जबकि लगभग आठ F-15 फाइटर जेट्स को हल्का नुकसान पहुंचा, जिन्हें बाद में ठीक करके वापस सेवा में ले लिया गया। इस हमले के दौरान अमेरिकी सेना ने 30 से ज्यादा पैट्रियट मिसाइलें दागी थीं।

तेल और शिपिंग रूट पर भी संकट

गौरतलब है कि जैसे-जैसे यह संघर्ष बढ़ रहा है, ईरानी बलों ने अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों और शिपिंग हितों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हालिया तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिका ने ईरान के पांच ऑयल टैंकरों पर हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने खुद वॉशिंगटन की भूमिका की पुष्टि की और आगे भी ऐसे हमले जारी रहने की चेतावनी दी।