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भारत ने कहा, नेपाल की सीमा को लेकर हमारी स्थिति सर्वविदित, स्पष्ट और तार्किक, विपक्षी दल की आपत्ति खारिज

काठमांडू में भारत के दूतावास ने शनिवार को कहा कि नेपाल से लगने वाली सीमा को लेकर भारत का रुख सर्वविदित तार्किक और स्पष्ट है। नेपाल के मुख्य विपक्षी दल यूएमएल ने प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से भारत से लगने वाली सीमा पर बयान देने की मांग की थी।

By Krishna Bihari SinghEdited By: Sun, 16 Jan 2022 12:39 AM (IST)
भारत के दूतावास ने शनिवार को कहा कि नेपाल से लगने वाली सीमा को लेकर भारत का रुख स्पष्ट है।

काठमांडू, पीटीआइ। नेपाल से लगने वाली सीमा को लेकर भारत का रुख सर्वविदित, तार्किक और स्पष्ट है। यह बात शनिवार को काठमांडू में भारत के दूतावास ने बयान जारी कर कही। भारतीय दूतावास ने यह बयान तब दिया है कि जब नेपाल के विपक्षी दल ने यह दावा किया कि नेपाली मानचित्र में दर्शाए गए इलाके में भारत निर्माण कार्य कर रहा है। इससे पहले नेपाल के मुख्य विपक्षी दल नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) ने प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से भारत से लगने वाली सीमा पर बयान देने की मांग की थी।

विपक्षी दल की मांग खासतौर पर लिपुलेख इलाके पर स्थिति स्पष्ट करने को लेकर थी। पार्टी के विदेशी मामलों के प्रकोष्ठ के प्रमुख राजन भट्टाराई के अनुसार इलाके में भारत द्वारा कराए जा रहे निर्माण को रोका जाना चाहिए। मामले का बातचीत के जरिये समाधान होना चाहिए।

विदित हो नेपाल में इसी पार्टी की सरकार में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारत के कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को अपना इलाका बताते हुए देश का नया मानचित्र जारी कर दिया था। अब विपक्ष में आई उनकी पार्टी ने फिर से विवादित बयान दिया है। काठमांडू में भारतीय दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, इस संबंध में भारत की स्थिति स्पष्ट है और उसके बारे में नेपाल सरकार को बता दिया गया है।

हमारा संवाद दो देशों के बीच होने वाले संपर्क के उचित और निर्धारित तरीके से हुआ है। दोनों देशों के नजदीकी मित्रतापूर्ण संबंधों के दायरे में ही सीमा से जुड़े किसी मसले पर चर्चा होगी और उसे सहमति के आधार पर निपटाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि नवंबर 2021 में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में कहा था कि लिपुलेख दर्रा से धारचूला होकर मानसरोवर को जाने वाली सड़क के निर्माण को लेकर कुछ गलत ढंग की बातें प्रचारित की जा रही हैं, जो पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। इस सड़क का जल्द उद्घाटन किया जाएगा।

दिसंबर में सिंह ने कहा, लिपुलेख दर्रा होकर मानसरोवर तक जाने का मार्ग तैयार हो गया है। जबकि रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा है कि हिंदू धर्मस्थल कैलास मानसरोवर तक कार से जाने के लिए जल्द ही सड़क तैयार हो जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने 60 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। यह सड़क घटियाबागड़ से लिपुलेख के बीच बनेगी।