वाशिंगटन, एजेंसी। India US Relationship: पेंटागन ने कहा कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संबंध सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। वहीं दोनों देश विशेष रूप से अपनी सेनाओं की शक्ति और क्षमता के बीच अंतर पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

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दोनों देश करते हैं अधिक द्विपक्षीय अभ्यास

विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) की वेबसाइट के अनुसार, रक्षा संबंध (defence relationship) भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी (India-US strategic partnership) के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरा है। दोनों देश अब किसी अन्य देश की तुलना में एक-दूसरे के साथ अधिक द्विपक्षीय अभ्यास (bilateral exercises) करते हैं। अमेरिकी रक्षा से रक्षा अधिग्रहण (defence acquisition from US Defence) का कुल मूल्य 13 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक हो गया है।

हम कर रहे लगातार सुधार की उम्मीद- पेंटागन प्रवक्ता

पेंटागन के प्रवक्ता वायु सेना के ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने गुरुवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा कि यह एक ऐसा रिश्ता है जिसमें हम लगातार सुधार की उम्मीद कर रहे हैं और विशेष रूप से हमारी दो सेनाओं के बीच अंतर-संचालन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, इसलिए, मुझे लगता है कि यह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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अमेरिका ने भारत को बताया एक प्रमुख रक्षा भागीदार

विदेश मंत्रालय के अनुसार, जून 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान अमेरिका ने भारत को एक "प्रमुख रक्षा भागीदार" के रूप में मान्यता दी। वहीं अमेरिका ने भारत के निकटतम सहयोगी और साझेदार के रूप में रक्षा उत्पादन और उद्योग के क्षेत्र में तकनीक साझा करने लिए भी प्रतिबद्धता दिखाई।

Edited By: Versha Singh

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