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समुद्री रास्तों पर बल प्रयोग के खिलाफ भारत की सख्त आपत्ति, कहा- होर्मुज पर न लगें मनमाने प्रतिबंध

Published: Sat, 19 Sep 2026 02:16 AM (IST)

भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि समुद्र में नौवहन के अधिकारों को किसी प्रकार के बल प्रयोग, धमकियों, ...और पढ़ें

समुद्री रास्तों पर बल प्रयोग के खिलाफ भारत की सख्त आपत्ति (फोटो- रॉयटर)

समुद्री रास्तों पर बल प्रयोग के खिलाफ भारत की सख्त आपत्ति (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. नौवहन अधिकारों को बल प्रयोग के अधीन नहीं किया जाना चाहिए

  2. होर्मुज में व्यवधान के संदर्भ में अहम माना जा रहा भारत का यह बयान

  3. समुद्री असुरक्षा के नतीजे तात्कालिकजोखिम से कहीं अधिक गंभीर होते हैं

पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र। नौवहन अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में स्वतंत्रता को लेकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बड़ा बयान दिया है।

भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि समुद्र में नौवहन के अधिकारों को किसी प्रकार के बल प्रयोग, धमकियों, अवैध प्रतिबंधों या मनमाने हस्तक्षेप के अधीन नहीं किया जाना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने इस बात पर जोर दिया कि समुद्री असुरक्षा के नतीजे तात्कालिक जोखिम से कहीं अधिक गंभीर होते हैं।

भारत का यह रुख वैश्विक समुद्री सुरक्षा, विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र और हाल के समय में लाल सागर में जहाजों पर बढ़ते हमलों के संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण है। पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के लिहाज से भी भारत की इस टिप्पणी को अहम माना जा रहा है।

'सुरक्षित समुद्र, साझा सुरक्षा' विषय पर गुरुवार को सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए पर्वतनेनी ने कहा कि हाल ही में दुनिया के अहम समुद्री रास्तों में आई रुकावटों ने एक बुनियादी सच्चाई को उजागर किया है।

अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और वैश्विक समृद्धि के लिए समुद्री रास्तों की सुरक्षा बहुत जरूरी है। इसका प्रभाव दुनिया के अलग-अलग इलाकों पर पड़ेगा, खासकर ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के मामले में।

नेविगेशन के अधिकारों पर जबरदस्ती, धमकियों, गैर-कानूनी पाबंदियों या मनमाने दखल का असर नहीं पड़ना चाहिए। संघर्ष वाले इलाकों में नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आपसी तालमेल वाला फ्रेमवर्क भी उतना ही जरूरी है, जिसमें देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय हो।